पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विधवाओं और निराश्रित महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत 1170 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना भी है।
अगस्त 2025 तक 6.66 लाख महिलाओं को मिला लाभ
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अगस्त 2025 तक 593.14 करोड़ रुपये जारी कर 6.66 लाख महिलाओं को सीधे लाभ पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को जीवन की चुनौतियों का सामना करने में साहस और हिम्मत प्रदान करना भी है।
योजना से महिलाओं को नई उम्मीद
मंत्री ने कहा कि यह योजना सिर्फ पैसे देने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से महिलाओं को एक नई उम्मीद और अवसर मिलते हैं, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ सकती हैं। योजना के लाभार्थी अपने परिवार के लिए सहारा बनती हैं और अपने बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने में मदद करती हैं।
महिलाओं का समाज और परिवार में सशक्त योगदान
डा. बलजीत कौर ने आगे कहा कि इस तरह की योजनाओं से महिलाएं परिवार और समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं। सरकारी प्रयासों के कारण अब सहायता राशि बिना किसी रुकावट के सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में सशक्त पंजाब
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब एक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी राज्य की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार की यह पहल महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से मदद नहीं देती, बल्कि उन्हें समाज में सक्रिय और सम्मानजनक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी करती है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं से महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ती है और वे अपने परिवार और समाज में स्थायी योगदान देने में सक्षम बनती हैं। पंजाब सरकार की लगातार कोशिशें यह सुनिश्चित करती हैं कि हर महिला को सम्मान, सुरक्षा और अवसर मिले।
