पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के लगभग 3.15 लाख पेंशनरों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। उन्होंने ‘पेंशनर सेवा पोर्टल’ (https://pensionersewa.punjab.gov.in
का शुभारंभ किया, जो पेंशन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और तेज़ बनाएगा। इस पोर्टल का उद्देश्य पेंशन वितरण प्रक्रिया को स्वचालित करना और पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को एक ही स्थान पर कई सुविधाएं प्रदान करना है।
अब घर बैठे मिलेंगी 6 प्रमुख सेवाएं
वित्त मंत्री ने बताया कि शुरुआत में यह पोर्टल पेंशनरों को छह मुख्य सेवाएं देगा —
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डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ‘जीवन प्रमाण’ मोबाइल ऐप के ज़रिए जमा करना,
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फैमिली पेंशन में बदलाव के लिए आवेदन करना,
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एल.टी.सी. (लीव ट्रैवल कंसेशन) के लिए आवेदन,
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शिकायत निवारण मॉड्यूल के तहत शिकायत दर्ज करना,
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प्रोफाइल अपडेट करने की सुविधा,
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अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों की ऑनलाइन प्रक्रिया।
‘जीवन प्रमाण’ ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिससे पेंशनर डिजिटल रूप से अपना जीवन प्रमाण पत्र आसानी से भेज सकते हैं।
आसान और उपयोगकर्ता–अनुकूल प्रक्रिया
चीमा ने बताया कि पोर्टल की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। पेंशनर आधार प्रमाणीकरण (e-KYC) पूरी कर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके बाद वे अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से लॉगइन करके घर बैठे ही सभी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, जो पेंशनर ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं कर सकते, वे नज़दीकी सेवा केंद्रों, बैंकों या जिला कोषागार दफ्तरों के ज़रिए भी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
एनआरआई पेंशनरों के लिए भी योजना
वित्त मंत्री ने बताया कि अभी यह पोर्टल सिर्फ़ भारत में रहने वाले पेंशनरों के लिए सक्रिय है। विदेशों में रहने वाले एनआरआई पेंशनर फिलहाल मैनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करते रहेंगे, लेकिन जल्द ही उनके लिए भी ई-केवाईसी सुविधा शुरू की जाएगी।
हेल्पलाइन और सहायता व्यवस्था
उन्होंने बताया कि कुछ पेंशनरों को शुरुआत में तकनीकी परेशानी आ सकती है, इसलिए सरकार ने तुरंत मदद के लिए समर्पित वार रूम बनाया है। साथ ही, शिकायतों के समाधान के लिए तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं —
📞 18001802148, 01722996385, 01722996386 — ये सभी सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे।
प्रशिक्षण और पायलट प्रोजेक्ट पूरा
चीमा ने बताया कि इस पोर्टल के सफल संचालन के लिए जिला कोषागार दफ्तरों, बैंकों और सेवा केंद्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। एक पायलट प्रोजेक्ट पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, जिससे यह सिद्ध हुआ है कि यह पोर्टल अब राज्य स्तर पर लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह पहल पंजाब सरकार का एक और बड़ा कदम है, जो पेंशनरों की ज़िंदगी को आसान और सुविधाजनक बनाने की दिशा में नई मिसाल कायम करेगी।
