पंजाब सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को भव्य रूप से मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में पंजाब के रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, और पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से गांधीनगर में मुलाकात की और उन्हें इन आयोजनों में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
भाईचारे और एकता का संदेश
अमन अरोड़ा ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भाईचारे, सद्भावना और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत ने भारत की धर्मनिरपेक्ष भावना को नई दिशा दी थी। उन्होंने न केवल सिख धर्म की रक्षा के लिए, बल्कि पूरे देश में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय अधिकारों के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
गुरु तेग बहादुर जी की शहादत का महत्व
गुरु तेग बहादुर जी को “हिंद दी चादर” कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने दूसरों के धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया। अमन अरोड़ा ने कहा कि गुरु जी का जीवन हर इंसान के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षाएँ आज भी मानवता, न्याय और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
पूरे महीने चलेंगे कार्यक्रम
पंजाब सरकार के नेतृत्व में एक महीने तक राज्यभर में कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों में धार्मिक समागम, कीर्तन दरबार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और अकादमिक सेमिनार शामिल होंगे।
इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, साहस और आध्यात्मिक संदेश को देश और दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाना है।
🌍 गुजरात के मुख्यमंत्री को विशेष आमंत्रण
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को निमंत्रण देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा, “इन कार्यक्रमों में देश के सभी दलों और राज्यों के नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है ताकि यह आयोजन हमारी साझी संस्कृति और एकता की पहचान बने।”
सांस्कृतिक महत्व पर बोले मंत्री सौंद
इस अवसर पर पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “गुरु तेग बहादुर जी के आदर्श हमें सिखाते हैं कि सच्चाई और न्याय के लिए खड़ा होना ही असली धर्म है। इन कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को हमारे इतिहास और मूल्यों की गहराई समझने का मौका मिलेगा।”
पंजाब सरकार की कोशिश
अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह आयोजन पूरी श्रद्धा और समर्पण से कर रही है। उन्होंने कहा कि इन समारोहों से न केवल पंजाब, बल्कि पूरे देश और विदेश के लोग गुरु साहिब जी की शहादत से प्रेरणा लेंगे।
यह आयोजन पंजाब की भूमि से एक बार फिर सद्भाव, एकता और धार्मिक स्वतंत्रता का संदेश पूरे भारत में फैलाएगा।
