नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूरे राज्य के 142 गांवों और कस्बों के विकास के लिए 71 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की। ये वही स्थान हैं जहां गुरु साहिब के पवित्र चरण पड़े थे।
समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब सरकार की एक छोटी सी कोशिश है, जो गुरु साहिब की महानता और उनके बलिदान के सामने बहुत मामूली है। उन्होंने बताया कि यह राशि गांवों की सड़कों, धार्मिक स्थलों के मार्गों, बुनियादी ढांचा और जनसुविधाओं के विकास पर खर्च की जाएगी।
गुरु साहिब के संदेश को आगे बढ़ाने की पहल
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि 350वां शहीदी पर्व पूरे पंजाब के लिए ऐतिहासिक अवसर है। गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जो सर्वोच्च बलिदान दिया, वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन में गुरु साहिब की शिक्षाओं—मानवता, शांति और भाईचारे—को अपनाएं।
अलग-अलग क्षेत्रों में दिए गए चेक
मालवा, दोआबा और माजha क्षेत्रों के गांवों और कस्बों के सरपंचों व अन्य चुने प्रतिनिधियों को मंच पर चेक दिए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह विकास सिर्फ ढांचा सुधार का काम नहीं, बल्कि गुरु साहिब की विरासत को संजोने का सम्मान भी है।
23 से 25 नवंबर तक होंगे भव्य कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने बताया कि 23 से 25 नवंबर तक आनंदपुर साहिब में बड़े स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगत की सुविधा के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
नगर कीर्तन भी श्रीनगर और पंजाब के तीन शहरों—फरीदकोट, गुरदासपुर और तलवंडी साबो—से शुरू हो चुके हैं और पूरे राज्य से होते हुए आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे।
संगत के लिए विशेष व्यवस्थाएँ
नगरी कीर्तन के साथ चलने वाली संगत के लिए एंबुलेंस, डिजिटल म्यूज़ियम, लंगर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “चक नानकी” नाम से एक विशाल टेंट सिटी भी बनाई जा रही है ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को रहने में कोई परेशानी न हो।
प्रदर्शनी, ड्रोन शो और विशेष विधानसभा सत्र
गुरु साहिब के जीवन और विचारों से प्रेरित प्रदर्शनी और ड्रोन शो आयोजित होंगे।
इसके अलावा, 24 नवंबर को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आनंदपुर साहिब में रखा गया है, जिसमें गुरु साहिब की शिक्षाओं और बलिदान पर चर्चा होगी और कुछ ऐतिहासिक निर्णय भी लिए जाएंगे।
पूरे विश्व से आ रहे हैं निमंत्रण
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर के धार्मिक नेताओं और संतों को इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने पंजाब और विदेशों में बसे भारतीयों से भी इन पवित्र आयोजनों का हिस्सा बनने की अपील की।
