पंजाब में कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती रहा है, खासकर मालवा क्षेत्र में इसकी अधिकता को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने हाल के वर्षों में कई ठोस और प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे मरीजों को राहत और बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है।
पंजाब सरकार ने कैंसर के इलाज को सुलभ और किफायती बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। ‘मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष’ के तहत पात्र मरीजों को ₹1.5 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भी सरकार ने महत्वपूर्ण निवेश किया है। होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल और एडवांस्ड कैंसर इंस्टीट्यूट जैसे अत्याधुनिक संस्थानों को विकसित किया गया है, जहां आधुनिक तकनीक के जरिए कैंसर का इलाज संभव हो पाया है। इन केंद्रों में रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और सर्जरी जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके साथ ही, राज्य के सरकारी अस्पतालों में कैंसर स्क्रीनिंग को भी तेज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में 30 लाख से अधिक लोगों की कैंसर जांच की गई है, जिससे शुरुआती चरण में बीमारी का पता लगाकर इलाज आसान बनाया जा रहा है। गांव स्तर तक जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, खासकर महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच पर जोर दिया जा रहा है।
पंजाब सरकार ने दवाओं और इलाज की लागत कम करने के लिए कई कदम उठाए, जहां कैंसर से संबंधित दवाएं 50 से 70 प्रतिशत तक सस्ती उपलब्ध हैं। इसके अलावा, मरीजों के लिए मुफ्त या रियायती दरों पर परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे दूर-दराज के मरीजों को इलाज के लिए शहरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है।
वित्तीय सहायता, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, व्यापक स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियानों के जरिए पंजाब सरकार कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य ढांचा तैयार कर रही है। ये प्रयास न केवल मरीजों को राहत दे रहे हैं, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी नई दिशा दे रहे हैं।
