पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य अब उन्नत निर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्लोबल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में जापान के साथ मिलकर नई संभावनाओं का निर्माण करेगा। इस दिशा में उन्होंने जापानी दूतावास, जेट्रो, जे.सी.सी.आई.आई. और पैनासोनिक, सुमितोमो, निप्पॉन, एनईसी और टोयोटा जैसी 25 से ज्यादा जापानी कंपनियों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वर्चुअल बैठक की।
यह बैठक मार्च 2026 में मोहाली स्थित आईएसबी में होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले आयोजित की गई थी। इस दौरान “इन्वेस्ट पंजाब” मॉडल को प्रदर्शित किया गया, जो कई सरकारी विभागों की मंजूरियों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है।
पंजाब – साहस और प्रगति की भूमि
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से भारत की रीढ़ रहा है—चाहे बात हो खाद्यान्न उत्पादन की, मेहनत की या उद्यमशीलता की। अब राज्य आधुनिक उद्योगों और वैश्विक सहयोग का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जापानी कंपनियों का पंजाब में विश्वास लगातार बढ़ रहा है। ऑटोमोटिव और विनिर्माण क्षेत्र में माज़दा, सुमितोमो, एसएमएल इसुज़ु, यानमार, आइची स्टील और गुनमा सीको जैसी कंपनियां पहले से काम कर रही हैं। पैकेजिंग और औद्योगिक क्षेत्र में टोपन और ओजी होल्डिंग्स, जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल अपनी मजबूत मौजूदगी बना चुके हैं। इसके अलावा कृषि मशीनरी में यानमार और क्लास इंडिया, जबकि रिटेल में यूनिक्लो पंजाब के उपभोक्ताओं तक जापानी गुणवत्ता पहुँचा रहे हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा में मित्सुई एंड कंपनी पंजाब के हरित मिशन को मजबूत कर रही है।

व्यापार के लिए सबसे अनुकूल प्रदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार की 2024 बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) रैंकिंग में पंजाब देश में पहले स्थान पर रहा है। यह राज्य सरकार की पारदर्शी, तेज और भरोसेमंद प्रशासनिक प्रणाली का प्रमाण है। उनका कहना था कि पंजाब की नीति सरल है—नीतिगत स्थिरता, तेज फैसले और निवेशकों के समय का सम्मान।
राज्य सरकार ने बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया है और औद्योगिक विकास के लिए नई राहें खोली हैं। जापानी कंपनियों को उन्होंने आमंत्रित किया कि वे उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, गतिशीलता और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तलाशें।
डिजिटल सुविधा और निवेश में बढ़त
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि फास्टट्रैक पंजाब डिजिटल प्लेटफॉर्म निवेशकों को 200 से अधिक सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है, वह भी 45 दिनों के भीतर गारंटीड मंजूरी के साथ। इससे कारोबार को काफी सुविधा मिली है।
अब तक पंजाब में 1.39 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है, जिससे 5 लाख से ज़्यादा नौकरियां बनी हैं। राज्य 5,000 करोड़ रुपये की लागत से बिजली अवसंरचना भी मजबूत कर रहा है।
जापानी कंपनियों की प्रशंसा
बैठक में मौजूद जापानी प्रतिनिधियों ने पंजाब के कुशल युवाओं, सहयोगी वातावरण और इन्वेस्ट पंजाब की सेवाओं की भरपूर सराहना की। वहीं जेट्रो और दूतावास ने विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, हरित ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और एग्री-टेक में नई साझेदारियों की संभावना जताई।
