Punjab Police ने अपनी इम्पैक्ट असेसमेंट पहल के तहत 60 मास्टर ट्रेनर्स के लिए एक दिन की रिफ्रेशर वर्कशॉप आयोजित की। इस वर्कशॉप का उद्देश्य ट्रेनिंग सिस्टम को और प्रभावी बनाना और ट्रेनर्स की क्षमता को मजबूत करना था।
ट्रेनिंग में किन बातों पर जोर
वर्कशॉप के दौरान फैसिलिटेशन स्किल्स, पार्टिसिपेटरी लर्निंग और जेंडर सेंसिटाइजेशन जैसे अहम विषयों पर फोकस किया गया। ट्रेनर्स को यह सिखाया गया कि किस तरह वे प्रशिक्षण को ज्यादा इंटरैक्टिव और प्रभावशाली बना सकते हैं, ताकि सभी प्रतिभागियों को बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके।
कैपेसिटी बिल्डिंग पर ध्यान
इस पहल का मुख्य लक्ष्य ट्रेनिंग देने वाले मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता को बढ़ाना है। पुलिस का मानना है कि अगर ट्रेनर्स मजबूत होंगे, तो वे बेहतर तरीके से समाज और विभाग में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और भी प्रभावी बन सकेगी।

सम्मान समारोह भी आयोजित
इस मौके पर कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (CAD) के स्पेशल DGP ने 52 मास्टर ट्रेनर्स को CC-1 सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही SP और DSP रैंक के अधिकारियों को भी इस कार्यक्रम में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मान दिया गया।
बेहतर प्रशिक्षण की दिशा में कदम
इस तरह की वर्कशॉप्स से पुलिस विभाग में नई ऊर्जा और बेहतर प्रशिक्षण पद्धति को बढ़ावा मिलता है, जिससे आने वाले समय में पुलिस की कार्यक्षमता और जनता के साथ जुड़ाव और मजबूत हो सकता है।
