मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में पंजाब पुलिस को और अधिक सक्षम, जवाबदेह और पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसी कड़ी में पंजाब के पुलिस महानिदेशक Gaurav Yadav ने गुरुवार (1 जनवरी) को पंजाब पुलिस के लिए प्रौद्योगिकी आधारित ‘विजन 2026’ पेश किया। यह विजन आधुनिक ढांचे, बेहतर संसाधनों और तेज पुलिस प्रतिक्रिया पर केंद्रित है।
डायल 112 को और प्रभावी बनाने की योजना
डीजीपी ने बताया कि विजन 2026 के तहत डायल 112 इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए Mohali में 52 करोड़ रुपये की लागत से नया सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसके साथ ही 50 करोड़ रुपये खर्च कर नए वाहन खरीदे जाएंगे, ताकि आपात स्थितियों में पुलिस तेजी से मौके पर पहुंच सके।
रिस्पांस टाइम घटाने पर फोकस
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि वर्तमान में औसत पुलिस रिस्पांस टाइम 12–13 मिनट है, जिसे घटाकर 7–8 मिनट तक लाने का लक्ष्य है। इसके लिए पूरे पंजाब के जिला नियंत्रण कक्षों को 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जा रहा है। इससे विभिन्न जिलों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और घटनाओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
सीमा सुरक्षा होगी और मजबूत
सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ दूसरी सुरक्षा पंक्ति के तहत 585 स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 49.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम की संख्या मौजूदा तीन से बढ़ाकर छह की जाएगी और आगे चलकर 10 और सिस्टम जोड़े जाएंगे।
पुलिस आधुनिकीकरण पर बड़ा निवेश
डीजीपी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में Punjab Police के आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। फील्ड में तैनात सभी एसपी रैंक अधिकारियों, पुलिस थानों और चौकियों को नए वाहन दिए गए हैं। साथ ही अगले तीन वर्षों में 426 करोड़ रुपये की लागत से मेगा पुलिस भवन परियोजना को मंजूरी दी गई है।
साइबर क्राइम और नेटवर्क क्षमता में बढ़ोतरी
मोहाली के फेज-4 में साइबर क्राइम डिवीजन का नया मुख्यालय बनाया जाएगा। सभी पुलिस थानों में इंटरनेट कनेक्टिविटी 50 एमबीपीएस से बढ़ाकर 100 एमबीपीएस की जाएगी। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम और फोरेंसिक टूल्स को भी अपग्रेड किया जा रहा है।
ट्रैफिक और संगठित अपराध पर सख्ती
डीजीपी ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने में शामिल ट्रैवल एजेंटों पर कड़ी कार्रवाई होगी। शहरी इलाकों में ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा के लिए विशेष थाने बनाए जाएंगे, जिन्हें आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
