साल 2026 की शुरुआत बॉलीवुड के लिए खास रही। 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘इक्कीस’ ने पहले ही दिन दर्शकों और ट्रेड दोनों को हैरान कर दिया। अगस्त्य नंदा की डेब्यू फिल्म और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्मों में शामिल मानी जा रही ‘इक्कीस’ को रिलीज के साथ ही शानदार प्रतिक्रिया मिली। सीमित बजट और बिना बड़े मसाले वाली इस फिल्म ने नए साल पर उम्मीद से कहीं बेहतर ओपनिंग की।
शहीद अरुण खेत्रपाल की कहानी ने जीता दिल
‘इक्कीस’ 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल की जिंदगी पर आधारित है। महज 21 साल की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस जांबाज की कहानी को फिल्म में भावनात्मक और सादगी भरे अंदाज में दिखाया गया है। सुबह के शोज से ही दर्शकों ने फिल्म की जमकर तारीफ की, जिसका असर सीधे बॉक्स ऑफिस पर दिखा।
ओपनिंग कलेक्शन ने बढ़ाया उत्साह
न्यू ईयर के मौके पर फिल्म को ठीक-ठाक एडवांस बुकिंग मिली थी। नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन में करीब 35 हजार टिकट पहले ही बिक चुके थे। अनुमान लगाया जा रहा था कि फिल्म पहले दिन करीब 5 करोड़ रुपये तक कमा सकती है, लेकिन ‘इक्कीस’ ने इन उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए करीब 7 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन किया। यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि उसी वक्त रणवीर सिंह की सुपरहिट फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से टिकी हुई है।
बड़े स्टार्स की फिल्मों से बेहतर शुरुआत
अगर 2025 की चर्चित फिल्मों से तुलना करें, तो ‘इक्कीस’ की ओपनिंग कई बड़े स्टार्स की फिल्मों के बराबर या उनसे बेहतर रही। कार्तिक आर्यन, अक्षय कुमार, अजय देवगन और सिद्धार्थ मल्होत्रा जैसे सितारों की हालिया फिल्मों ने भी लगभग इसी रेंज में ओपनिंग की थी। खास बात यह है कि अगस्त्य नंदा इंडस्ट्री में नए हैं और उनकी फिल्म को उतनी बड़ी रिलीज भी नहीं मिली थी।
स्टार पावर नहीं, कहानी बनी ताकत
फिल्म में अगस्त्य नंदा ने अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है, वहीं धर्मेंद्र उनके पिता की भूमिका में नजर आते हैं। जयदीप अहलावत का अहम रोल भी फिल्म की मजबूती है। निर्देशक श्रीराम राघवन को थ्रिलर फिल्मों के लिए जाना जाता है, लेकिन ‘इक्कीस’ एक भावनात्मक वॉर ड्रामा है, जिसमें एक्शन से ज्यादा इंसानी जज्बात और देशभक्ति को महत्व दिया गया है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकता है कलेक्शन
बिना किसी बड़े मसाले, गानों या जबरदस्त एक्शन के बावजूद ‘इक्कीस’ की मजबूत शुरुआत यह संकेत दे रही है कि फिल्म वीकेंड और आगे के दिनों में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ और भावनात्मक जुड़ाव इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकता है। नए साल की शुरुआत में ‘इक्कीस’ ने साबित कर दिया है कि सच्ची कहानी और दमदार कंटेंट आज भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकता है।
