पंजाब में 12 अगस्त को मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। कई इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग से जुड़े पूर्वानुमानों में पंजाब के कुछ हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और हवाओं की स्थिति बनने की चेतावनी दी गई है। खास तौर पर लुधियाना, पठानकोट, बरनाला, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर सहित कई इलाकों पर मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
अमृतसर में बादल और उमस
अमृतसर में आज आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। दिन के समय उमस महसूस हो सकती है और कुछ इलाकों में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अमृतसर में अगस्त का महीना सामान्य तौर पर मानसूनी गतिविधियों वाला रहता है, इसलिए अचानक मौसम बदलने की संभावना बनी रहती है।
लुधियाना में बारिश के साथ आंधी का खतरा
लुधियाना में आज मौसम गर्म और उमस भरा रहने के साथ बारिश की संभावना भी बन रही है। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों में पंजाब के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की स्थिति बनने की बात कही गई है। लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने और तेज आंधी के दौरान पेड़ों व बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
जालंधर में गरज-चमक के आसार
जालंधर में आज मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बादल छाने के साथ कुछ समय के लिए बारिश और गरज-चमक हो सकती है। मौसम विभाग से जुड़े पूर्वानुमानों में जालंधर को बारिश और आंधी की संभावित गतिविधियों वाले इलाकों में शामिल किया गया है।
पटियाला और मोहाली में बदल सकता है मौसम
पटियाला और मोहाली क्षेत्र में भी बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। दिन में धूप निकलने के बावजूद अचानक बादल घिरने और तेज बौछार पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। खासकर दोपहर बाद मौसम पर नजर रखना जरूरी रहेगा।
बठिंडा और मालवा में गर्मी-उमस का असर
बठिंडा और पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बारिश की स्थिति शहर-दर-शहर अलग रह सकती है। यहां उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है, जबकि स्थानीय स्तर पर बादल बनने पर हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में बारिश के बाद कुछ समय के लिए राहत मिलने की उम्मीद है।
अगले कुछ दिनों में भी बारिश के संकेत
पंजाब में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने के बजाय बदलता रहने की संभावना है। पूर्वानुमान में 13 अगस्त के आसपास कुछ क्षेत्रों में तूफानी गतिविधि और उसके बाद भी अलग-अलग इलाकों में बारिश के संकेत हैं। इसका मतलब है कि मानसूनी गतिविधियां अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुई हैं।
