वर्ल्ड एल्डर एब्यूज़ अवेयरनेस डे (विश्व बुज़ुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस) के अवसर पर पंजाब सरकार की 1076 डोरस्टेप गवर्नेंस पहल वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से पेंशन, प्रमाण-पत्र और सैकड़ों सरकारी सेवाएं सीधे लोगों के घर तक पहुंचाई जा रही हैं। खासकर बुज़ुर्गों के लिए यह पहल काफी उपयोगी साबित हो रही है, जिन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
एक फोन कॉल पर घर पहुंचेगी सरकारी सेवा
74 वर्षीय गुरमेल कौर जैसी कई बुज़ुर्ग महिलाओं और पुरुषों को अब सरकारी काम के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। पहले जहां उन्हें सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने, लंबी कतारों में खड़े होने और कई बार चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब केवल 1076 हेल्पलाइन पर कॉल करके वे घर बैठे सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
दिसंबर 2023 में शुरू हुई थी योजना
पंजाब सरकार ने दिसंबर 2023 में ‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ पहल की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की परेशानी से बचाना और सेवाएं सीधे उनके घर तक पहुंचाना था। शुरुआत में यह योजना 45 सेवाओं तक सीमित थी, लेकिन अब इसका दायरा काफी बढ़ चुका है।
अब 29 विभागों की 436 सेवाएं उपलब्ध
वर्तमान में 29 सरकारी विभागों की 436 सेवाएं 1076 हेल्पलाइन के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। कॉल करने के बाद प्रशिक्षित सेवा सहायक नागरिक के घर पहुंचता है, दस्तावेजों की जांच करता है और आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाता है। इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं।
लाखों लोगों ने उठाया लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस पहल के तहत अब तक 3.31 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। योजना को और अधिक सुलभ बनाने के लिए सरकार ने डोरस्टेप सेवा शुल्क को ₹120 से घटाकर केवल ₹50 कर दिया है। इससे आम लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को काफी राहत मिली है।
वृद्धावस्था पेंशन के लिए बढ़ी मांग
इस योजना के तहत सबसे अधिक लाभ वृद्धावस्था पेंशन सेवाओं में देखने को मिला है। अक्टूबर 2025 में 685 वरिष्ठ नागरिकों ने घर बैठे पेंशन के लिए आवेदन किया था। फरवरी 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1,658 हो गई, जबकि अप्रैल 2026 में 1,125 आवेदन दर्ज किए गए। यह दिखाता है कि योजना बुज़ुर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही है।
डिजिटल चुनौतियों का भी मिला समाधान
आज के डिजिटल दौर में कई वरिष्ठ नागरिक ऑनलाइन प्रक्रियाओं, ओटीपी सत्यापन और दस्तावेज अपलोड जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं में कठिनाई महसूस करते हैं। 1076 डोरस्टेप गवर्नेंस मॉडल तकनीक और मानवीय सहायता को जोड़कर इस समस्या का समाधान कर रहा है। इससे बुज़ुर्गों को डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है।
‘साडे बुज़ुर्ग, साडा मान’ अभियान से भी जुड़ी पहल
यह योजना पंजाब सरकार के ‘साडे बुज़ुर्ग, साडा मान’ अभियान का भी हिस्सा है। इसके तहत बुज़ुर्गों को पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, वरिष्ठ नागरिक पहचान पत्र, सहायक उपकरणों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार की सोच: सेवाएं नागरिकों तक पहुंचें
मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सरकारी सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत 1076 हेल्पलाइन शुरू की गई, ताकि विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को बिना किसी परेशानी के सरकारी सुविधाएं मिल सकें।
सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनी योजना
सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी नहीं बल्कि समाज का सक्रिय भागीदार बनाना जरूरी है। ऐसे में 1076 डोरस्टेप गवर्नेंस योजना बुज़ुर्गों के लिए केवल एक सरकारी सेवा नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और सुगम जीवन का प्रतीक बनकर उभरी है।
