पंजाब की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार ने एक बड़ा सकारात्मक संकेत देते हुए दावा किया है कि राज्य ने जीएसटी कलेक्शन में अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। अप्रैल 2026 में पंजाब का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन करीब ₹2,987.3 करोड़ रहा, जो अब तक का सर्वाधिक मासिक आंकड़ा बताया जा रहा है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70.70% की सालाना बढ़त को दर्शाता है, जिसे सरकार ने टैक्स सुधार और बेहतर प्रशासन का नतीजा बताया है।
राज्य के वित्त विभाग के अनुसार इस तेज वृद्धि ने पंजाब को देश के उन राज्यों में शामिल कर दिया है, जिन्होंने नए वित्त वर्ष की शुरुआत में सबसे मजबूत टैक्स प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि नेट जीएसटी कलेक्शन भी करीब ₹2,725 करोड़ तक पहुंच गया, जो राज्य की राजस्व क्षमता में सुधार का संकेत माना जा रहा है।
इस वृद्धि के पीछे कई प्रशासनिक सुधार काम कर रहे हैं। जीएसटी नेटवर्क पर डिजिटल निगरानी, ई-इनवॉइसिंग प्रणाली और सख्त कंप्लायंस मॉनिटरिंग ने टैक्स चोरी की संभावनाओं को कम किया है। इसके साथ ही रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने और समय पर रिफंड सिस्टम ने व्यापारियों का भरोसा बढ़ाया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के मुताबिक राज्य ने टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को अधिक पारदर्शी और डेटा-ड्रिवन बनाया है, जिससे संग्रहण में सुधार देखने को मिला है। सरकार का दावा है कि अब विभाग रियल टाइम डेटा के आधार पर निगरानी कर रहा है, जिससे लीकेज कम हुआ है और राजस्व में वृद्धि हुई है।
इससे पंजाब की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी है। जीएसटी कलेक्शन को अर्थव्यवस्था की गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। अप्रैल 2026 में पंजाब में यह बढ़ोतरी संकेत देती है कि व्यापारिक गतिविधियां, उपभोक्ता मांग और औद्योगिक लेनदेन में वृद्धि हुआ है। खासकर ट्रेड, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में लेनदेन बढ़ने से टैक्स बेस मजबूत हुआ है।
इस वृद्धि में केवल टैक्स वसूली ही नहीं, बल्कि बढ़ती आर्थिक गतिविधियां भी शामिल हैं। राज्य में छोटे और मध्यम उद्योगों की भागीदारी बढ़ने से भी जीएसटी बेस का विस्तार हुआ है।
पंजाब की ग्रोथ रेट देश के कई बड़े राज्यों की तुलना में अधिक है। पंजाब में “ऑर्गेनिक ग्रोथ” भी मजबूत हुई है और यह वृद्धि केवल तकनीकी एडजस्टमेंट का नतीजा नहीं है।
