पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के एक नए बैच को विशेष ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि यह पंजाब की शिक्षा क्रांति की बड़ी पहचान है। फिनलैंड की शिक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे बेहतरीन प्रणालियों में मानी जाती है और वहां से नई तकनीक और पढ़ाने के तरीके सीखकर शिक्षक पंजाब के छात्रों को बेहतर शिक्षा देंगे।
शिक्षा में पंजाब बना नंबर 1
मुख्यमंत्री ने बताया कि NITI Aayog की ताज़ा रैंकिंग में शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों में किए गए सुधारों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। इससे सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।
स्कूलों में कंप्यूटर और PTM की सुविधा
सरकार के मुताबिक पंजाब के 99 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इसके अलावा नियमित PTM यानी पैरेंट्स-टीचर मीटिंग भी शुरू की गई है। इससे माता-पिता सीधे शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई और प्रदर्शन की जानकारी ले पा रहे हैं। इन बदलावों का असर यह है कि अब आम परिवारों के बच्चे भी शानदार नतीजे हासिल कर रहे हैं।
पंजाब के अधिकारों पर सख्त रुख
CM भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के अधिकारों की पूरी रक्षा कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं दिया जाएगा। साथ ही योग्य मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और “बलि-विरोधी कानून” को सख्ती से लागू करने की बात भी दोहराई गई।
शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास पर फोकस
सरकार का कहना है कि उसका मुख्य लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाकर आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर करना है। लगातार नई योजनाओं और सुधारों के जरिए पंजाब को विकास की नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है।
