पंजाब सरकार ने राज्य की जेल व्यवस्थाओं को और मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में अहम पहल की है। जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय में नवनियुक्त पदोन्नत जेल अधिकारियों को सम्मानित किया। इस दौरान 6 एआईजी/सुपरिंटेंडेंट सेंट्रल जेल अधिकारियों के कंधों पर स्टार लगाकर उन्हें नई जिम्मेदारियों का अधिकार दिया गया।
कुल 14 अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है, जिनमें 6 एआईजी/सुपरिंटेंडेंट सेंट्रल जेल और 8 डीएसपी (ग्रेड-1) शामिल हैं।
अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियाँ
जेल मंत्री ने पदोन्नत अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह कदम जेलों के प्रबंधन को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने कहा कि उच्च पद मिलने के साथ निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है, जिससे जेलों में अनुशासन, सुरक्षा और कैदियों की भलाई के लिए बेहतर कदम उठाए जा सकते हैं।
मंत्री ने बताया कि इन पदोन्नत अधिकारियों के पास वर्षों का अनुभव है, जो जेल प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाएगा।
योग्यता और ईमानदारी की पहचान
मंत्री भुल्लर ने कहा कि यह पदोन्नतियाँ अधिकारियों की योग्यता और मेहनत की पहचान हैं। इससे न केवल उनका उत्साह बढ़ेगा बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी ईमानदारी और पेशेवर तरीके से काम करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जेल विभाग को और मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
जेलों को आधुनिक बनाने की योजना
पदोन्नत अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान जेल मंत्री ने बताया कि सरकार जेलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। कैदियों के लिए शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं को भी और बेहतर करने की तैयारी चल रही है।
एडीजीपी (जेल) अरुण पाल सिंह ने भी पदोन्नत अधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जेल विभाग में हर अधिकारी और कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस मौके पर जेल विभाग की प्रमुख सचिव भावना गर्ग ने भी सभी नए पदोन्नत अधिकारियों को बधाई दी।
