रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज अपने भारत दौरे के दूसरे और महत्वपूर्ण दिन की शुरुआत राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर की। राष्ट्रपति भवन में मिलिट्री गार्ड ऑफ ऑनर और औपचारिक स्वागत समारोह के तुरंत बाद पुतिन राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने गांधी जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद वे सीधे हैदराबाद हाउस के लिए निकल गए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी सबसे अहम और विस्तृत बैठक होने वाली है।
हैदराबाद हाउस में होगी रणनीतिक बातचीत
आज पुतिन और पीएम मोदी 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, ऊर्जा साझेदारी, व्यापार विस्तार, यूक्रेन स्थिति, एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और आतंकवाद जैसे कई बड़े वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत-रूस रिश्ते कई दशकों से मजबूत रहे हैं, और इस मीटिंग को इन संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में पुतिन का शानदार स्वागत
राजघाट जाने से पहले पुतिन का राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
दोनों ने औपचारिक रूप से पुतिन का स्वागत किया। इसके बाद भारत की थल, वायु और नौसेना की संयुक्त टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पुतिन को तोपों की सलामी भी दी गई।
इस दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडलों ने औपचारिक मुलाकात कर परिचय भी साझा किया।
पुतिन के स्वागत में पीएम ने तोड़ा प्रोटोकॉल
पुतिन गुरुवार रात नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट जाकर पुतिन का स्वागत किया। आमतौर पर यह स्वागत विदेश मंत्री या अन्य वरिष्ठ अधिकारी करते हैं।
दोनों नेता एयरपोर्ट से एक ही कार में पीएम आवास गए। पीएम मोदी ने अपने सरकारी निवास पर पुतिन के सम्मान में डिनर भी आयोजित किया, जहां करीब तीन घंटे तक महत्वपूर्ण बातचीत हुई।
दौरे के दूसरे दिन पर सबकी नजरें
अब पूरा ध्यान आज होने वाली बैठकों पर टिका है। माना जा रहा है कि दोनों नेता कई महत्वपूर्ण समझौतों पर विचार कर सकते हैं, जिनका सीधा असर आने वाले वर्षों में भारत-रूस साझेदारी पर पड़ेगा।
राजघाट पर श्रद्धांजलि और औपचारिकताओं के समापन के बाद अब हैदराबाद हाउस की बैठक इस दौरे का सबसे बड़ा पड़ाव है।
