पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब से पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार बनी है, तब से राज्य के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। भाजपा की मोगा में होने वाली रैली का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस रैली के बाद पंजाब की स्थिति बदलेगी या फिर केंद्र का रवैया पहले जैसा ही रहेगा।
लंबित फंड जारी करने की मांग
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार कई बार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर राज्य के बकाया फंड जारी करने की मांग कर चुकी है। उन्होंने बताया कि पंजाब के RDF (रूरल डेवलपमेंट फंड) और GST से हुए नुकसान के मुआवजे सहित कई रकम केंद्र सरकार के पास अटकी हुई हैं। उनका कहना है कि इन फंड्स को जारी न करने से पंजाब की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
तीन कृषि कानूनों का भी किया जिक्र
वित्त मंत्री ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद भी केंद्र सरकार किसी न किसी तरीके से पंजाब की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की वैध मांगों को नजरअंदाज करना पंजाब के साथ अन्याय है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल
हरपाल सिंह चीमा ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी केंद्र सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देश को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह समझौता कहीं पंजाब और देश के किसानों के लिए नुकसानदायक तो नहीं होगा।
ट्रंप के फैसलों पर भी उठाए सवाल
वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां के कृषि सचिव के बयानों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी कीमत पर अमेरिका की नीतियों के दबाव में नहीं आना चाहिए।
रैली से उम्मीदें
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मोगा में होने वाली भाजपा की रैली में पंजाब से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब के लंबित फंड जारी करने और राज्य की अन्य उचित मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दें।
