कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों ही राज्यों की वोटर लिस्ट में संदिग्ध और फर्जी वोटर शामिल किए गए हैं। उनके मुताबिक, कई नाम फर्जी पते, गलत फोटो, और एक ही व्यक्ति के नाम दो-दो जगह पंजीकृत हैं।
प्रेजेंटेशन के दौरान लोगों की हंसी और राहुल का तंज
राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों पर आधारित प्रेजेंटेशन पेश किया। इस दौरान जब वह लोगों के अजीब नाम और गलत विवरण पढ़ रहे थे तो वहां मौजूद लोग हंसने लगे। इस पर राहुल ने चुटकी लेते हुए कहा,
“क्यों हंस रहे हो भईया? इन्होंने पूरा सिस्टम उड़ा दिया है!”
बेंगलुरु सेंट्रल सीट पर ‘एक लाख वोटों की चोरी’ का दावा
राहुल ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में 16 सीटें कांग्रेस जीत सकती थी, लेकिन सिर्फ 9 पर जीत मिली। उन्होंने विशेष रूप से बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट का जिक्र किया, जहां कांग्रेस को 6,26,208 वोट और बीजेपी को 6,58,915 वोट मिले। दोनों के बीच का अंतर सिर्फ 32,707 वोट रहा।
राहुल के अनुसार, इस सीट की महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी को एक लाख से ज्यादा वोटों का बढ़त मिली, जिससे अंदेशा होता है कि “एक लाख वोट चोरी हुए।”
महाराष्ट्र में आखिरी 5 महीनों में वोटर संख्या में बढ़ोतरी
राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र चुनाव से पहले अचानक वोटर लिस्ट में भारी बढ़ोतरी देखी गई। उन्होंने कहा कि
“चुनाव के आखिरी पांच महीनों में 40 लाख फर्जी वोट जुड़े और वोटिंग के दिन शाम 5 बजे के बाद अचानक टर्नआउट बढ़ गया, जो बेहद संदिग्ध है।”
ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
राहुल ने कहा कि वोटिंग का तरीका बदल गया है। पहले एक दिन में चुनाव खत्म हो जाते थे, लेकिन अब ये महीनों तक चलते हैं। उन्होंने कहा कि
“इस प्रक्रिया से संदेह पैदा होता है। हरियाणा और कर्नाटक में लोगों को शक हुआ और अब ये शक धीरे-धीरे विश्वास में बदल रहा है।”
‘लाडली बहना’, ‘पुलवामा’, ‘सिंदूर’ जैसे कारणों को बताया बहाना
राहुल गांधी ने कहा कि जब चुनाव के नतीजे ओपिनियन पोल से अलग आते हैं, तो उसके पीछे हमेशा कोई भावनात्मक या सांस्कृतिक वजह बताई जाती है – जैसे लाडली बहना योजना, पुलवामा हमला, या सिंदूर। उन्होंने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि
“अब हम समझ चुके हैं कि असली खेल वोटर लिस्ट में छिपा है।”
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को घेरा
राहुल ने चुनाव आयोग से जवाब मांगते हुए कहा कि
“हमने डेटा मांगा, लेकिन आयोग ने न जवाब दिया, न जानकारी दी। अब जनता को जवाब देना आयोग की जिम्मेदारी है।”
राहुल गांधी के इन आरोपों ने चुनाव की निष्पक्षता को लेकर बहस तेज कर दी है। कांग्रेस अब संभावित फर्जी वोटिंग के खिलाफ आंदोलनात्मक रुख अपना सकती है। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
