उत्तर भारत इन दिनों भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं से जूझ रहा है। जम्मू–कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं। तेज पानी और भूस्खलन के कारण सड़कें टूटीं, पुल बह गए और कई लोगों की जान चली गई। वहीं पंजाब, दिल्ली और उत्तराखंड तक इसका असर दिखाई देने लगा है।
जम्मू–कश्मीर: तीर्थयात्रा रुकी, कई लोगों की मौत
जम्मू क्षेत्र में बादल फटने और भूस्खलन की वजह से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सात श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो माता वैष्णो देवी यात्रा पर निकले थे। त्रिकुटा पहाड़ियों में अचानक भूस्खलन हुआ और यात्री मलबे में फंस गए। करीब 21 लोग घायल हैं और कई अभी भी फंसे हो सकते हैं।
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने खराब मौसम को देखते हुए यात्रियों से यात्रा स्थगित करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि डोडा, किश्तवाड़ और राजौरी जैसे जिलों में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है।
रेलवे और सड़क यातायात प्रभावित
भारी बारिश का असर रेल और सड़क यातायात पर भी पड़ा है। जम्मू आने-जाने वाली करीब 23 ट्रेनें 26–27 अगस्त को रद्द कर दी गई हैं। कटरा, जम्मूतवी और अमृतसर से दिल्ली और अन्य शहरों को जोड़ने वाली गाड़ियाँ फिलहाल नहीं चल पा रही हैं। जम्मू–श्रीनगर और किश्तवाड़–डोडा नेशनल हाईवे पर भी आवाजाही बंद कर दी गई है।
हिमाचल प्रदेश: नदियाँ उफान पर, सड़कें टूटीं
हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंडी, कुल्लू और शिमला जिलों में सबसे ज्यादा असर देखा गया है। अब तक राज्य में 680 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं। कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई बाधित है।
लाहौल–स्पीति, किन्नौर और चंबा जिलों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं। कुल्लू–मनाली हाईवे कई जगहों पर टूट गया है और ब्यास नदी का पानी मनाली शहर तक पहुँच गया है। पर्यटक भी रास्तों में फंसे हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और ऊँचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है।
पंजाब और दिल्ली में भी असर
पंजाब में पहले से ही बाढ़ जैसे हालात हैं। कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान को पार करने वाली है। प्रशासन ने लोगों को अलर्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा।
उत्तराखंड और अरुणाचल में खतरा
उत्तराखंड में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गाँव डूब गए हैं। गढ़वाल और कुमाऊँ में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में भूस्खलन से हाईवे बंद हो गया है और कई गाड़ियाँ मलबे में फंस गईं।
जम्मू–कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। भूस्खलन और बाढ़ से जनजीवन ठप हो गया है। रेलवे, सड़क और संचार सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है। लोगों से अपील है कि सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा न करें और प्रशासन की सलाह का पालन करें।
