दिल्ली में शुक्रवार (9 जनवरी) की सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। अंधेरा पूरी तरह छंटने से पहले ही दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर काले बादल छा गए। सुबह करीब 6:30 बजे के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। करीब आधे से पौन घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने सड़कों को भिगो दिया और कई इलाकों में पानी जमा नजर आया। इस बारिश के साथ ठंड का एहसास भी पहले से ज्यादा बढ़ गया।
ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी
बारिश के साथ उत्तर-पश्चिमी दिशा से चलने वाली ठंडी हवाओं ने राजधानी की ठंड और तेज कर दी। सुबह के समय लोग जब घरों से बाहर निकले तो ठिठुरन साफ महसूस हुई। हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला खबर लिखे जाने तक जारी रहा। मौसम में इस अचानक बदलाव ने लोगों को अलर्ट कर दिया और गर्म कपड़ों की जरूरत और ज्यादा महसूस होने लगी।
तापमान में आई गिरावट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान करीब 6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दो दिन पहले ही बारिश की संभावना जताई थी, जो अब सच साबित हुई। लंबे समय से सूखी ठंड झेल रहे लोगों को इस बारिश से मौसम में बदलाव साफ नजर आया।
रोजमर्रा की रफ्तार पर असर
सुबह हुई बारिश ने राजधानी की रोजमर्रा की रफ्तार को कुछ हद तक धीमा कर दिया। ऑफिस जाने वाले लोग और स्कूल जाने वाले बच्चे ठंडी हवाओं के बीच बारिश का सामना करते नजर आए। कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार कम रही और लोग सावधानी के साथ सफर करते दिखे। बारिश और ठंड के मेल ने सुबह का माहौल सुस्त बना दिया।
शीतलहर का असर अभी जारी
मौसम विभाग के मुताबिक शीतलहर का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस की जा सकती है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने पर जोर दिया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड का असर बना रह सकता है।
बारिश के बाद भी AQI बना चिंता का कारण
बारिश के चलते प्रदूषण में थोड़ी राहत की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन हकीकत में हवा की गुणवत्ता अब भी चिंता बढ़ा रही है। बारिश के बावजूद दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार बना हुआ है, जो खराब श्रेणी में आता है। यानी बारिश ने धूल और प्रदूषण को कुछ हद तक जरूर दबाया, लेकिन हवा अभी भी साफ नहीं मानी जा सकती।
ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार
कुल मिलाकर दिल्ली के लोगों को फिलहाल ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बारिश ने मौसम को जरूर बदला है, लेकिन हवा की सेहत में सुधार अभी अधूरा है। आने वाले दिनों में अगर बारिश या हवाओं का असर बना रहता है, तभी प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
