सरकार पहले ही GST दरों में कटौती करके आम आदमी को दिवाली का तोहफ़ा दे चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से इस ऐलान का जिक्र किया था। अब खबरें आ रही हैं कि रिज़र्व बैंक (RBI) भी दिवाली से पहले आम आदमी को आर्थिक राहत देने की तैयारी कर रहा है।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस महीने RBI ब्याज दरों, यानी रेपो दरों में कटौती कर सकता है। यदि यह कदम उठाया जाता है, तो बैंक से उधार लेना सस्ता हो जाएगा और EMI का बोझ कम होगा।
SBI रिपोर्ट में संकेत: ब्याज दरें घट सकती हैं
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में ब्याज दर 5.50% है। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि ब्याज दरों को घटाया नहीं गया, तो “टाइप 2 गलती” का खतरा है। टाइप 2 गलती का मतलब है कि आवश्यक होने पर भी कोई कदम न उठाना। SBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले भी इस तरह की गलती हुई है, जब RBI ने अनुकूल परिस्थितियों के बावजूद ब्याज दरों में कटौती नहीं की थी।
SBI का मानना है कि सत्रहवें वित्तीय परिदृश्य और महंगाई के नियंत्रण में रहने के कारण, सितंबर में ब्याज दरों में कटौती करना उचित रहेगा।
MPC बैठक और संभावित निर्णय
RBI की मुद्रा नीति समिति (MPC) इस महीने बैठक करेगी। बैठक की तारीखें 29 सितंबर से 30 सितंबर, 2025 निर्धारित की गई हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में MPC ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% तक घटाने पर विचार कर सकती है।
इस कटौती से न केवल बैंक से उधार लेना आसान होगा, बल्कि होम लोन, कार लोन और व्यक्तिगत लोन पर EMI का बोझ भी घट जाएगा। यह कदम दिवाली के मौसम में आम आदमी की जेब पर सकारात्मक असर डालेगा और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा।
महंगाई और मौद्रिक नीति का संतुलन
RBI ने पहले ही संकेत दिए हैं कि मौजूदा समय में महंगाई नियंत्रण में है और इसमें और गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में MPC के लिए ब्याज दरों में कटौती करना आसान और सही निर्णय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे निवेश और खपत दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
RBI की संभावित दर कटौती से वित्तीय बाजार और उपभोक्ताओं की उम्मीदें बढ़ी हैं। यह कदम न केवल दिवाली के अवसर पर लोगों को राहत देगा, बल्कि आर्थिक विकास और बाजार स्थिरता के लिए भी सहायक साबित होगा।
आम आदमी के लिए असर
यदि MPC की बैठक में 0.25% की कटौती होती है, तो छोटे और मध्यम वर्ग के लिए कर्ज लेना सस्ता हो जाएगा। घर, गाड़ी या व्यक्तिगत उधार पर EMI की राशि घटेगी। इस तरह, दिवाली के अवसर पर आम आदमी को सरकार और RBI से दोहरे आर्थिक तोहफ़े मिलेंगे – पहले GST दरों में कटौती और अब ब्याज दरों में संभावित कटौती।
विशेषज्ञों की राय है कि यह समय उपभोक्ताओं के लिए राहत और बाजार में निवेश बढ़ाने का अनुकूल अवसर है। MPC का निर्णय 1 अक्टूबर, 2025 को घोषित किया जाएगा, जिसे पूरे देश की निगाहें लगातार देख रही हैं।
