हम सभी ने कभी न कभी ये सुना होगा कि “ये 10 रुपये का सिक्का नहीं चलता” या फिर “ये नकली लग रहा है”। दुकानों से लेकर बसों और ऑटो तक, कई बार लोगों को 10 रुपये के सिक्के लेने से इंकार करते देखा गया है। कोई सिक्के के आकार पर सवाल करता है तो कोई उसके डिज़ाइन को लेकर। लेकिन अब इस उलझन को खत्म करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने साफ-साफ कह दिया है कि बाजार में मौजूद 10 रुपये के सभी सिक्के पूरी तरह से वैध हैं और उन्हें लेने से इंकार नहीं किया जा सकता।
RBI ने क्या कहा?
RBI के मुताबिक, 10 रुपये के सिक्कों के कुल 14 तरह के डिज़ाइन चलन में हैं। इन डिज़ाइनों में फर्क सिक्के के आकार, मोटाई और उस पर बनी क़िरनों के कारण है। लेकिन डिज़ाइन कोई भी हो, सिक्के की कानूनी मान्यता पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। यानी सभी 10 रुपये के सिक्के, चाहे वे छोटे हों या बड़े, पुराने डिज़ाइन हों या नए, वे पूरी तरह असली और वैध हैं।
लोगों में फैली अफवाहें
अक्सर लोगों में ये भ्रम देखने को मिलता है कि सिर्फ 15 किरणों वाले सिक्के ही असली होते हैं और बाकी नकली। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। RBI ने बताया है कि 15 किरणों वाले सिक्के उस दौर के हैं जब भारतीय रुपये का प्रतीक ₹ जारी नहीं हुआ था। बाद में 22 जुलाई 2011 को ₹ चिह्न वाला सिक्का जारी हुआ, जिसमें 10 किरणें होती हैं।
सभी सिक्के असली हैं
RBI ने साफ कहा है कि दोनों तरह के सिक्के –
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15 किरणों वाला बिना ₹ चिह्न का सिक्का
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10 किरणों वाला ₹ चिह्न वाला सिक्का
पूरी तरह असली और वैध हैं। इन्हें लेने या देने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।
RBI की अपील
RBI ने आम जनता, दुकानदारों, बस और ऑटो चालकों से अपील की है कि वे बिना किसी संदेह के सभी तरह के 10 रुपये के सिक्कों को स्वीकार करें। किसी भी वैध सिक्के को न स्वीकार करना ग़ैर-क़ानूनी है। उन्होंने कहा कि 10 रुपये के सिक्कों को लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करना जरूरी है ताकि लेनदेन में कोई रुकावट न आए।
अगर आपके पास अलग-अलग डिज़ाइन के 10 रुपये के सिक्के हैं, तो निश्चिंत रहें। वे सब असली हैं और चलन में हैं। अब चाहे दुकानदार हों या आम लोग – सभी को इन सिक्कों को स्वीकार करना होगा।
RBI का यह कदम निश्चित रूप से लोगों में जागरूकता बढ़ाने और अफवाहों को रोकने में मदद करेगा।
