पंजाब के जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सरकारी, मॉडल, प्राइवेट मान्यता प्राप्त, गैर-मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, मानसिक और समाज सेवा संगठनों द्वारा संचालित स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे U-DISE सर्वे 2025-26 के तहत मांगी गई जानकारी समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर भरें। इस बार भी भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूलों को तीन प्रमुख मॉड्यूल्स – विद्यार्थी मॉड्यूल, शिक्षक मॉड्यूल, और बेसिक प्रोफाइल व सुविधाएं मॉड्यूल – में डेटा भरना अनिवार्य किया गया है।
क्यों जरूरी है यह डेटा?
इस सर्वे के अंतर्गत इकट्ठा किए गए आंकड़ों का इस्तेमाल भारत सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न मूल्यांकन जैसे PGI (परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स), KPI (Key Performance Indicators) और SDG (Sustainable Development Goals) रिपोर्ट के लिए किया जाता है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर स्कूलों को ग्रांट (वित्तीय सहायता) मिलती है और राज्य की शिक्षा रैंकिंग तय की जाती है।
कई स्कूल पीछे, विभाग नाराज़
शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों को निर्देश दिए थे कि वे अपने रिकॉर्ड के अनुसार स्टाफ की जानकारी शिक्षक मॉड्यूल में अपडेट करें। लेकिन ताजा रिपोर्ट से पता चला है कि अभी भी 411 स्कूलों ने यह काम पूरा नहीं किया है। इतना ही नहीं, 548 स्कूलों ने बेसिक प्रोफाइल और सुविधाओं से जुड़े मॉड्यूल में जानकारी भरने में लापरवाही बरती है।
गलत जानकारी पर होगी सख्त कार्रवाई
विभाग ने यह भी पाया है कि कुछ स्कूलों ने पहले दिए गए आंकड़ों में गलती की है, जो उनके वास्तविक स्कूल रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे। इस पर सख्त हिदायत दी गई है कि आगे से कोई भी डेटा केवल स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार ही भरा जाए। यदि भविष्य में किसी निरीक्षण (क्लस्टर, ब्लॉक, जिला या राज्य स्तर) के दौरान डाटा में गड़बड़ी पाई जाती है, तो पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रमुख या इंचार्ज की होगी और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों के ट्रांसफर पर विशेष निर्देश
अगर कोई शिक्षक एक स्कूल से दूसरे स्कूल में ट्रांसफर हो गया है, तो पहले स्कूल को उसकी स्थिति “स्कूल छोड़ दिया” के रूप में अपडेट करनी होगी। इससे नया स्कूल उसे आसानी से “आयात” (import) कर सकेगा।
19 जुलाई है आखिरी तारीख
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि तीनों मॉड्यूल्स का डेटा 19 जुलाई 2025 तक अपडेट कर दिया जाए। जिन स्कूलों को किसी भी प्रकार की तकनीकी मदद की आवश्यकता है, वे अपने संबंधित ब्लॉक MIS कोऑर्डिनेटर से संपर्क कर सकते हैं।
यह सर्वे सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि स्कूलों के विकास और वित्तीय सहायता से जुड़ा अहम कदम है। सभी स्कूल प्रमुखों से अपेक्षा की जाती है कि वे जिम्मेदारी से समय पर सटीक जानकारी पोर्टल पर भरें ताकि राज्य की शिक्षा व्यवस्था और बेहतर बनाई जा सके।
