पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के बावजूद राज्य की मंडियों में धान की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मजबूत ढांचागत सुविधाओं और सरकार की सक्रिय निगरानी के कारण धान की कुल आवक 150 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर चुकी है। इससे पहले खरीद और आवक दोनों ही 150 लाख मीट्रिक टन से ऊपर जा चुके थे।
सरकार की सक्रियता से किसानों को समय पर MSP भुगतान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में सरकार ने धान खरीद को पूरी तरह सुचारू बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। इसका परिणाम यह हुआ कि 17 नवंबर तक 11 लाख से ज्यादा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल चुका है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की देखरेख में खरीद, लिफ्टिंग और भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
पटियाला जिला अब तक सबसे आगे है, जहां 96,920 किसानों को MSP का लाभ दिया गया है।
17 नवंबर तक का अद्यतन आंकड़ा
-
धान की कुल आवक: 1,56,44,022.7 मीट्रिक टन
-
कुल खरीद: 1,56,30,983.39 मीट्रिक टन (लगभग 99%)
-
कुल लिफ्टिंग: 1,50,24,082.31 मीट्रिक टन (लगभग 96%)
-
किसानों को भुगतान: 36,000 करोड़ रुपये से अधिक
ये आंकड़े साबित करते हैं कि बाढ़ जैसी चुनौती के बाद भी पंजाब की मंडियों में खरीद व्यवस्था मजबूत रही और किसानों को किसी तरह की असुविधा नहीं हुई।
क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
बाढ़ ने कई जिलों में फसल को नुकसान पहुंचाया था, जिससे आशंका थी कि इस बार खरीद प्रभावित हो सकती है। लेकिन सरकार की तैयारियों और पुख्ता प्रबंधों ने सभी चिंताओं को दूर कर दिया।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में धान की खरीद न सिर्फ किसानों के लिए राहत है, बल्कि यह दिखाता है कि पंजाब की कृषि आपूर्ति श्रृंखला आज भी देश में सबसे विश्वसनीय मानी जाती है।
