दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए बम धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां लगातार जांच में जुटी हैं।
इस ब्लास्ट ने न सिर्फ राजधानी बल्कि पूरे देश को हिला दिया है। अब जांच टीमों का फोकस मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर की गतिविधियों पर केंद्रित हो गया है, जो धमाके से कुछ घंटे पहले लाल किले के पास देखे गए थे।
पार्किंग में खड़ी कार और तीन घंटे का रहस्य
जांच में सामने आया है कि डॉक्टर उमर बदरपुर से दिल्ली पहुंचा और उसके बाद उसने अपनी आई-10 कार लाल किले की पार्किंग में दोपहर 3 बजकर 19 मिनट पर खड़ी की।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसने कार पार्क करने के बाद अगले तीन घंटे कहां बिताए?
क्या वह पार्किंग के पास ही मौजूद था या किसी से मुलाकात करने गया था?
एजेंसियों को शक है कि उमर इन तीन घंटों में या तो इलाके की रेकी कर रहा था या फिर किसी के निर्देश का इंतजार कर रहा था।
क्या किसी स्लीपर सेल से था संपर्क?
सूत्रों के मुताबिक, उमर को यह जानकारी मिल चुकी थी कि उसके साथी पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं।
ऐसे में यह सवाल उठता है कि उसने इतनी जोखिम भरी जगह पर तीन घंटे तक रुकने का फैसला क्यों लिया?
क्या कोई स्लीपर सेल या लॉजिस्टिक टीम उसकी मदद कर रही थी?
पुलिस इस एंगल पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।
ब्लास्ट में 9 की मौत, कई घायल
सोमवार शाम हुए इस ब्लास्ट में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हैं।
घायलों का इलाज दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी गाड़ियां और दुकानों के शीशे तक चकनाचूर हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि धमाके के तुरंत बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे।
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर कड़ी चेकिंग की जा रही है।
एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मिलकर आरोपी के नेटवर्क को खंगाल रही हैं।
जांच के नए सुरागों की तलाश
एजेंसियों को उम्मीद है कि फोन कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज से उमर की लोकेशन और उसके संपर्कों की जानकारी जल्द मिलेगी।
फिलहाल पुलिस यह मानकर चल रही है कि उमर अकेला नहीं था — और इस पूरे ब्लास्ट के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
