पंजाब सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली दरों में कटौती करने का फैसला किया है। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 70 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही लोगों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है। अब जो उपभोक्ता 300 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करते हैं, उन्हें भी राहत देने के लिए यह नई दर लागू की जा रही है।
अरोड़ा ने बताया कि जिन आवासीय उपभोक्ताओं को 300 यूनिट से अधिक बिजली के लिए भुगतान करना पड़ता है, उनके बिल में अब प्रति यूनिट 70 पैसे की कमी होगी। इससे हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
फिक्स चार्ज में भी कटौती
बिजली मंत्री ने बताया कि सरकार ने बिजली बिल में लगने वाले फिक्स चार्ज में भी कमी की है। अब प्रति किलोवाट प्रति माह के हिसाब से 5 से 10 रुपये तक की कटौती की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें बेहतर सुविधाएं देना है।
व्यापारियों और दुकानदारों को भी राहत
सरकार ने व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दरों में कमी की घोषणा की है। बिजली मंत्री ने बताया कि दुकानदारों और व्यापारियों के लिए उनके लोड की क्षमता के आधार पर बिजली दरें 65 पैसे से लेकर 79 पैसे प्रति यूनिट तक कम की गई हैं।
इस फैसले से छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को बिजली खर्च में राहत मिलेगी, जिससे उनके कारोबार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विशेष सुविधा
संजीव अरोड़ा ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली दर केवल 5 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।
मंत्री के अनुसार यह सभी श्रेणियों में सबसे कम बिजली शुल्क है और इससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
उद्योगों के लिए भी राहत
औद्योगिक क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने राहत देने का फैसला किया है। अरोड़ा ने बताया कि 100 किलोवाट तक के औद्योगिक कनेक्शन के लिए फिक्स चार्ज में कमी की गई है।
इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वित्त वर्ष 2026-27 में औद्योगिक क्षेत्र के लिए बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी।
वकीलों की मांग भी मानी गई
सरकार ने वकीलों की मांग को स्वीकार करते हुए एक और फैसला लिया है। अब अधिवक्ताओं से बिजली बिल में व्यावसायिक दरों के बजाय घरेलू दरें ली जाएंगी।
बिजली मंत्री ने कहा कि इन सभी फैसलों का उद्देश्य लोगों को राहत देना, व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहन देना और राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को और बेहतर बनाना है।
