हुशियारपुर जिले का भविष्य ऊर्जा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के मजबूत आधार पर खड़ा करने के लिए जिला प्रशासन ने ‘चढ़ता सूरज’ नाम से एक प्रेरक और दूरदर्शी पहल शुरू की है। इस मुहिम का उद्देश्य सिर्फ योजनाएं लागू करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर टिकाऊ विकास की राह पर आगे बढ़ना है। इस अभियान के तहत छात्रों, विशेष जरूरतों वाले बच्चों और ग्रामीण महिलाओं के लिए तीन बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं।
टॉपर्स के घरों में मुफ्त सोलर सिस्टम
इस मुहिम की सबसे अहम कड़ी ‘गो सोलर अभियान’ है। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 10वीं कक्षा के 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1-1 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा। यह पहल न सिर्फ मेधावी छात्रों के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि उनके परिवारों के जरिए पूरे समाज को स्वच्छ और सस्ती सौर ऊर्जा अपनाने का संदेश भी देती है।
इसके साथ ही प्रशासन ने एनजीओ से अपील की है कि वे लोगों को सोलर ऊर्जा के फायदों के बारे में जागरूक करें। खास बात यह है कि जो एनजीओ 28 फरवरी 2026 तक 25 सोलर पैनल लगवाएगी, उसे जिला प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम भी दिया जाएगा।
विशेष बच्चों के लिए ‘विंग्स प्रोजेक्ट’
‘चढ़ता सूरज’ मुहिम के तहत ‘विंग्स प्रोजेक्ट’ समाज के उस वर्ग के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है, जिसे अक्सर मुख्यधारा से अलग समझा जाता है। इस प्रोजेक्ट के तहत हुशियारपुर में 7 स्थानों पर कैंटीन स्थापित की गई हैं, जहां 16 विशेष जरूरतों वाले बच्चों को सम्मानजनक रोजगार दिया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने एनजीओ से अपील की कि वे ऐसे बच्चों की पहचान करें और इस प्रोजेक्ट के विस्तार में भागीदारी निभाएं। प्रशासन और रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा, जबकि संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी एनजीओ संभालेंगे।
ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाएगा ‘सुई-धागा प्रोजेक्ट’
तीसरी महत्वपूर्ण पहल ‘सुई-धागा प्रोजेक्ट’ है, जिसका मकसद ग्रामीण और जरूरतमंद महिलाओं को कौशल विकास के जरिए स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत गांवों, तहसीलों और ब्लॉकों में सिलाई केंद्र खोले जाएंगे।
रेड क्रॉस सोसायटी मशीनरी और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराएगी, जबकि संचालन मनरेगा फ्रेमवर्क के तहत किया जाएगा। एनजीओ से अपेक्षा की गई है कि वे उपयुक्त स्थानों और इच्छुक महिलाओं की पहचान कर सामुदायिक स्तर पर सहयोग करें।
प्रशासन और समाज की साझा कोशिश
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने स्पष्ट किया कि यह पूरी मुहिम रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से चलाई जा रही है और इसमें सामाजिक संस्थाओं की भूमिका बेहद अहम है। उनका कहना है कि जब प्रशासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तभी विकास टिकाऊ और असरदार बनता है।
‘चढ़ता सूरज’ मुहिम के जरिए हुशियारपुर न सिर्फ ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, बल्कि एक आत्मनिर्भर और संवेदनशील समाज की ओर भी कदम बढ़ा रहा है।
