अमेरिकी केंद्रीय बैंक यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती का असर भारतीय मुद्रा पर दिखा। गुरुवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 16 पैसे टूटकर 88.01 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले रुपया 87.93 पर खुला था, लेकिन कारोबार के दौरान डॉलर की मजबूती के आगे टिक नहीं पाया। बुधवार को रुपया 24 पैसे चढ़कर 87.85 पर बंद हुआ था।
फेड की दर कटौती का असर
फेडरल रिजर्व ने न सिर्फ ब्याज दरों में कटौती की, बल्कि संकेत दिया कि आगे भी उधारी लागत घट सकती है। यही कारण है कि डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.17 प्रतिशत चढ़कर 97.03 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, वैश्विक तेल बाजार में हल्की गिरावट दर्ज की गई और ब्रेंट क्रूड 0.12 प्रतिशत टूटकर 67.87 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार में बढ़त
रुपये की कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। दरअसल, फेड की दर कटौती के बाद आईटी सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 447.5 अंक चढ़कर 83,141.21 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 118.7 अंक उछलकर 25,448.95 तक पहुंच गया।
आईटी शेयर बने बाजार के स्टार
सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा तेजी इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा और टाटा मोटर्स के शेयरों में देखी गई। हालांकि, कुछ दिग्गज कंपनियां लाल निशान में रहीं। इनमें बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं।
विदेशी निवेशकों का रुख
शेयर बाजार के आंकड़े बताते हैं कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अब भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। बुधवार को एफआईआई ने 1,124.54 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। वहीं, तेल की कीमतों में मामूली गिरावट जारी रही और ब्रेंट क्रूड 0.16 प्रतिशत फिसलकर 67.86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
फेड की दर कटौती से एक ओर जहां रुपये पर दबाव बना है, वहीं दूसरी ओर आईटी शेयरों की मजबूती ने शेयर बाजार को संबल दिया है। अब निवेशकों की नजर आने वाले दिनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाजारों के रुख पर टिकी है।
