रूस ने 25 अप्रैल 2026 की रात यूक्रेन पर एक बड़ा और समन्वित हमला किया। इस हमले में सैकड़ों ड्रोन और कई मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। यूक्रेन की एयरफोर्स के अनुसार, यह हमला एक साथ कई शहरों को निशाना बनाकर किया गया, जिसमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें भी शामिल थीं।
कई शहर बने निशाना
इस हमले का सबसे ज्यादा असर ड्नीप्रो (Dnipro) शहर में देखा गया, जहां रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा चेर्निहीव, ओडेसा और खार्किव जैसे शहरों में भी धमाके हुए। कई जगह आग लग गई और राहत-बचाव टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया।
जान-माल का भारी नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई लोग मलबे में फंसे होने की आशंका भी जताई गई। ड्नीप्रो में एक इमारत पूरी तरह तबाह हो गई, जहां से शव बरामद किए गए और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सैकड़ों ड्रोन का इस्तेमाल
यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, रूस ने इस हमले में 600 से ज्यादा ड्रोन और लगभग 40–50 मिसाइलें दागीं। इनमें से बड़ी संख्या में ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया, लेकिन कुछ अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे। यह हमला हाल के समय का सबसे बड़ा हवाई हमला माना जा रहा है।
ईरानी ‘शाहेद’ ड्रोन का इस्तेमाल
इस हमले में रूस ने ईरान के डिजाइन वाले “शाहेद (Shahed)” ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। ये ड्रोन लंबी दूरी तय कर सकते हैं और सटीक निशाना लगाने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, हाल के समय में इन ड्रोन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे हैं, लेकिन फिर भी इनका बड़े पैमाने पर उपयोग जारी है।
यूक्रेन का जवाब और एयर डिफेंस
यूक्रेन की एयर डिफेंस ने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अगर ये सभी हमले सफल हो जाते, तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। इसके बावजूद कुछ मिसाइलें और ड्रोन शहरों में गिरकर तबाही मचाने में सफल रहे।
लगातार बढ़ रहे हमले
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस लगातार रात के समय ड्रोन हमले कर रहा है और बीच-बीच में ऐसे बड़े हमले भी कर रहा है। यह रणनीति यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम को कमजोर करने और लोगों में डर फैलाने के लिए अपनाई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है। NATO देशों ने भी इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि हमले के दौरान ड्रोन के टुकड़े NATO देश रोमानिया तक पहुंच गए, जिससे तनाव और बढ़ गया।
