राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल और विधायक मंजीत सिंह बिलासपुर ने हाल ही में पंजाब के कई गांवों — बुट्टरां, बघीपुरा, लोपो दौधर, रामूवाल हरदोके आदि — का दौरा किया। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण धान की फसलें खराब हो गईं। दोनों नेताओं ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
धान की दोबारा बुवाई के लिए दी गई पनीरी
सांसद संत सीचेवाल ने यह जानकारी दी कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं, उन्हें धान की पनीरी मुफ्त में मुहैया कराई जा रही है। एक किसान को चार एकड़ में दोबारा धान लगाने के लिए सुल्तानपुर से पनीरी भी भिजवाई गई है। यह पहल सीधे तौर पर किसानों को फिर से खड़ा करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
पानी निकासी के लिए पुलियों की मांग उठी
किसानों ने नेताओं के समक्ष यह मांग भी रखी कि खेतों से बारिश का पानी निकालने के लिए कुछ स्थानों पर छोटी पुलियों का निर्माण कराया जाए। सांसद और विधायक ने इस मांग पर सहमति जताई और कहा कि संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे ताकि तुरंत सर्वे कर पुलियों का निर्माण शुरू कराया जा सके।
मंडी और खेतों में जारी है पानी निकासी का काम
लोपो गांव की अनाज मंडी का भी दौरा किया गया, जहां मोटर लगाकर खेतों से पानी निकाला जा रहा है। संत सीचेवाल ने बताया कि यहां उनके प्रयास से एक बड़ा पंखा भी लगाया गया है, जो लगातार खेतों से पानी बाहर निकालने का कार्य कर रहा है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और मंडी बोर्ड को निर्देश दिए कि पानी निकासी की व्यवस्था में तेजी लाई जाए।
प्राकृतिक बहाव को रोकना बन रहा समस्या का कारण
सीचेवाल ने कहा कि जहां-जहां पानी के प्राकृतिक बहाव को रोका गया है, वहां यह जलभराव की समस्या उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस जलभराव के चलते हर साल किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। पुलियों का निर्माण इस दीर्घकालिक समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
सड़क ऊंचाई और जलनिकासी पर दिया गया विशेष ध्यान
विधायक मंजीत सिंह बिलासपुर ने बताया कि कई स्थानों पर सड़कें ऊंची होने के कारण पानी का निकास रुक गया है। उन्होंने पहले ही इस विषय पर विभागों को विशेष सर्वेक्षण के निर्देश दे रखे हैं। अंत में दोनों नेताओं ने गांव लोपो स्थित संत दरबारा सिंह जी के स्थान पर जाकर नतमस्तक भी हुए।
