पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक बड़ा मानवीय कदम उठाते हुए ड्यूटी के दौरान शहीद हुए एएसआई धनवंत सिंह के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस सहायता को देशप्रेम और कर्तव्यपरायणता की मिसाल बने पुलिस अधिकारी को श्रद्धांजलि के रूप में पेश किया।
कर्तव्य परायणता की मिसाल थे एएसआई धनवंत सिंह
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि एएसआई धनवंत सिंह ने 18 जनवरी 2025 को जिला शहीद भगत सिंह नगर में अपनी ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी शहादत न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे राज्य के लिए एक गर्व की बात है। मान ने कहा कि शहीद अधिकारी ने पंजाब में कानून और व्यवस्था को कायम रखने के लिए अपनी जान न्योछावर की।
राज्य सरकार का जिम्मेदाराना रुख
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऐसे बहादुर सपूतों के परिवारों की सहायता को अपना मूल कर्तव्य मानती है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों की मदद करना सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि सरकार की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति में शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे शहीद
भगवंत मान ने कहा कि इस प्रकार की पहलें राज्य के युवाओं को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रयास युवाओं को सेना और पुलिस बलों में शामिल होने के लिए उत्साहित करेगा और देशसेवा की भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों की याद और उनके परिवारों की देखभाल राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल है।
आर्थिक सहायता के साथ सामाजिक सरोकार
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि यह आर्थिक सहायता न केवल एक परिवार को संबल देगी बल्कि यह सरकार की ओर से भावनात्मक सहयोग और सामाजिक सरोकार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ मदद करना नहीं, बल्कि उन परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाना भी है, जिनके घर के चिराग देश की रक्षा में बुझ गए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह पहल एक संवेदनशील और कृतज्ञ सरकार की पहचान है जो अपने रक्षकों और उनके परिवारों की चिंता करती है। शहीद एएसआई धनवंत सिंह को श्रद्धांजलि और उनके परिवार को सम्मान देना निश्चित रूप से पंजाब के युवाओं को कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
