पंजाब सरकार ने सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने श्री अमृतसर साहिब (चारदीवारी वाला शहर), श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को औपचारिक रूप से पवित्र शहर का दर्जा देने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले की जानकारी सामने आने के बाद देश और विदेश में रहने वाली संगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
संगत की पुरानी मांग हुई पूरी
आम आदमी पार्टी के विधायक और मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह मांग काफी समय से उठाई जा रही थी, लेकिन पहले की सरकारें इसे पूरा नहीं कर सकीं। उन्होंने कहा कि कई लोग पंथ के नाम पर राजनीति करते रहे, फिर भी संगत की यह भावना कागजों तक ही सीमित रह गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पहले ही कार्यकाल में इस ऐतिहासिक मांग को पूरा कर दिखाया है।
मुख्यमंत्री को जताया गया आभार
कुलदीप सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन शहरों को पवित्र दर्जा मिलना सिख इतिहास, परंपरा और धार्मिक विरासत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह कदम सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि रखा गया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती
इन तीनों शहरों का सिख धर्म में विशेष स्थान है। श्री अमृतसर साहिब में श्री हरमंदिर साहिब स्थित है, जबकि श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो भी सिख इतिहास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। पवित्र शहर का दर्जा मिलने से इन स्थानों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी, साथ ही इनके संरक्षण और विकास की दिशा में नए रास्ते खुलेंगे।
संगत में खुशी और उम्मीद
इस फैसले के बाद संगत को उम्मीद है कि इन शहरों में धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप व्यवस्थाएं और सुविधाएं विकसित की जाएंगी। देश-विदेश में बसे सिख समुदाय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। सरकार के इस फैसले को सिख आस्था के प्रति सम्मान और विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
