पंजाब की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। हाल ही में पश्चिमी हलके की उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले संजीव अरोड़ा को लेकर अब यह साफ हो गया है कि वह बहुत जल्द कैबिनेट मंत्री बनने जा रहे हैं। इससे पहले संजीव अरोड़ा राज्यसभा सांसद थे, लेकिन अब विधायक बन चुके हैं।
आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और आतिशी ने चुनाव प्रचार के दौरान यह साफ कर दिया था कि अगर संजीव अरोड़ा चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी गवर्नर से मुलाकात के बाद इस बात की पुष्टि कर दी है कि संजीव अरोड़ा को आने वाले कुछ दिनों में मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।
और भी नए चेहरे हो सकते हैं शामिल
सिर्फ संजीव अरोड़ा ही नहीं, बल्कि यह चर्चा भी तेज हो गई है कि उनके साथ कुछ और नए विधायकों को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही कुछ पुराने मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, और कुछ को कैबिनेट से बाहर भी किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के बीच हुई बैठक में परफॉर्मेंस के आधार पर मंत्रियों के विभागों में बदलाव और कैबिनेट से बाहर करने पर चर्चा हुई है।
मंत्रियों और विधायकों को यह महसूस हो गया है कि या तो उन्हें कैबिनेट में जगह मिलने वाली है, या फिर उनकी कुर्सी खतरे में है। इसीलिए हाल के दिनों में कई नेता दिल्ली के चक्कर लगाते दिखाई दिए, ताकि वो अपने पक्ष में माहौल बना सकें।
पहले भी हो चुके हैं 6 फेरबदल
ध्यान देने योग्य बात है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से अब तक कैबिनेट में छह बार फेरबदल हो चुका है। पिछली बार जालंधर पश्चिम उपचुनाव के बाद मोहिंदर भगत को मंत्री बनाया गया था और चार नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
अब संजीव अरोड़ा को मंत्री बनाए जाने के साथ, यदि कुछ नए चेहरे कैबिनेट में आते हैं या कुछ पुराने मंत्री बाहर किए जाते हैं, तो यह सातवां फेरबदल होगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव सरकार के प्रदर्शन को बेहतर करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में भगवंत मान की कैबिनेट में कौन-कौन शामिल होता है और कौन बाहर होता है।
