पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की और राहत कार्यों में सहयोग बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा।
‘रंगला पंजाब’ राहत कोष में व्यक्तिगत योगदान
संजिव अरोड़ा ने हड़ flood पीड़ितों के लिए बनाए गए ‘रंगला पंजाब’ राहत कोष में खुद 50 लाख रुपये का योगदान दिया। उन्होंने उद्योग जगत और प्रवासी भारतीयों से भी अधिक से अधिक दान देने की अपील की। मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान के लिए कुल 14,000 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
व्यापारियों का सक्रिय योगदान
आज लुधियाना में 13 व्यापारियों ने सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान को राहत कोष में योगदान दिया। मंत्री अरोड़ा ने अन्य व्यवसायियों से भी आग्रह किया कि वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए योगदान करें। उन्होंने कहा कि समाज और उद्योगपतियों के सहयोग से ही प्रभावित परिवारों को जल्दी राहत मिल सकती है।
चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से दान
संजिव अरोड़ा ने अपने माता-पिता के नाम पर बनाए गए चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से भी 50 लाख रुपये का योगदान दिया। इसके अलावा मोंटे कार्लो ग्रुप, नाहरले, कमल ओसवाल, हैप्पी फोर्जिंग और सीगल इंडिया ने भी ‘रंगला पंजाब’ में करोड़ों रुपये का योगदान दिया।
अन्य कारोबारियों ने भी बढ़ाया सहयोग
मंत्री अरोड़ा ने बताया कि कई अन्य व्यवसायियों ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत कोष में धनराशि का योगदान किया। उनका कहना है कि यह कदम न केवल प्रभावित लोगों की मदद करेगा, बल्कि समाज में एकजुटता और जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ाएगा।
पंजाब को फिर से मजबूत बनाने का संकल्प
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमें पंजाब को पहले जैसा मजबूत और विकसित राज्य बनाना है। इसके लिए सरकार को लोगों के योगदान और सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने उद्योग जगत और प्रवासी भारतीयों से बार-बार अपील की कि वे बाढ़ पीड़ितों के लिए ‘रंगला पंजाब’ राहत कोष में दान दें और जरूरतमंदों की मदद करें।
