अमेरिका द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क और जुर्माना लगाने की घोषणा के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। निवेशकों की भावनाओं पर नकारात्मक असर पड़ा और बाजार ने लाल निशान में कारोबार समाप्त किया। बीएसई सेंसेक्स 296.28 अंकों की गिरावट (0.36%) के साथ 81,185.58 के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयर गिरावट में
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 गिरावट के साथ बंद हुए जबकि 7 शेयरों में तेजी देखी गई। टाटा स्टील और सन फार्मा सबसे अधिक नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे। तेल एवं गैस, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएं, आईटी, फार्मा और ऑटो सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव देखा गया।
निफ्टी में भी गिरावट, बैंकिंग सेक्टर प्रभावित
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 86.70 अंकों की गिरावट (0.35%) के साथ 24,768.35 के स्तर पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 188 अंक गिरकर 55,961 पर आ गया। निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली की जिससे इस क्षेत्र में दबाव बना रहा।
मिड और स्मॉलकैप स्टॉक्स में तेज गिरावट
मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी जोरदार गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 530 अंक लुढ़क कर 57,412 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 183 अंकों की गिरावट के साथ 17,973 पर बंद हुआ। छोटे निवेशकों को इस गिरावट से सबसे अधिक नुकसान हुआ।
रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 87.60 पर बंद
मुद्रा बाजार में भी अस्थिरता बनी रही। अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय रुपया 17 पैसे कमजोर होकर 87.60/$ पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों की सतर्कता और डॉलर में मजबूती रुपये की कमजोरी का मुख्य कारण रही।
वैश्विक बाजारों की स्थिति मिली-जुली
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.90% की बढ़त के साथ 41,020 पर और कोरिया का कोस्पी 0.33% की तेजी के साथ 3,243 पर कारोबार करता दिखा।
दूसरी ओर, हांगकांग का हैंगसेंग 1.12% गिरकर 24,894 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.68% गिरकर 3,591 पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजार भी दबाव में
30 जुलाई को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। डॉव जोंस इंडेक्स 0.38% टूटकर 44,461 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.15% गिरकर 21,130 और एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.12% गिरकर 6,363 पर बंद हुए। वैश्विक अनिश्चितताओं का असर भारतीय बाजारों पर भी स्पष्ट रूप से नजर आया।
जुलाई में विदेशी निवेशकों की खरीददारी जारी रही
हालांकि जून महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने 7,488.98 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीददारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी इस दौरान 72,673.91 करोड़ रुपये की खरीद की, जो बाजार में भरोसे को दर्शाता है।
बीते कारोबारी दिन का हाल
बुधवार (30 जुलाई) को सेंसेक्स 144 अंकों की बढ़त के साथ 81,482 पर बंद हुआ था। 30 शेयरों में से 15 में तेजी और 15 में गिरावट रही। एलएंडटी, सन फार्मा और एनटीपीसी के शेयरों में 4.72% की तेज बढ़त रही, जबकि टाटा मोटर्स और पावर ग्रिड में 3.48% की गिरावट दर्ज की गई थी। निफ्टी उस दिन 34 अंकों की तेजी के साथ 24,855 पर बंद हुआ था।अमेरिकी नीति निर्णयों का प्रभाव भारतीय बाजारों पर गहराता दिख रहा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्कता से निवेश निर्णय लें और वैश्विक रुझानों पर नज़र बनाए रखें।
