सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन 7 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिनभर के कारोबार के बाद बीएसई सेंसेक्स 104.35 अंक (0.13%) की गिरावट के साथ 78,180.72 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 भी हल्की कमजोरी के साथ 24,400 अंक से नीचे बंद हुआ। इससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों तक बाजार में तेजी बनी हुई थी, लेकिन मंगलवार को मुनाफावसूली के कारण यह सिलसिला थम गया।
मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों का असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार चार दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसके अलावा वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी जारी रही, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली।
आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती
मंगलवार के कारोबार में आईटी सेक्टर के कुछ प्रमुख शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर ट्रेंट के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि कुछ ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। सेक्टरवार कारोबार में निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में ही खरीदारी दिखाई।
बाजार में बनी रही उतार-चढ़ाव की स्थिति
कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने शुरुआती घंटों में बढ़त बनाई थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बिकवाली बढ़ गई और बाजार अपनी अधिकांश बढ़त गंवा बैठा। निवेशकों की नजर अब कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और अमेरिका के फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक के संकेतों पर टिकी हुई है। इन कारकों के आधार पर आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ कारोबारी सत्रों में कॉर्पोरेट तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करेंगे। यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं और कंपनियों के नतीजे उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो बाजार फिर से मजबूती की ओर लौट सकता है। फिलहाल निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
