भारतीय शेयर बाजार के लिए 17 से 21 अगस्त 2026 के बीच का कारोबारी दौर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। Sensex इस अवधि में 97.85 अंक यानी करीब 0.13% नीचे रहा। शुक्रवार, 21 अगस्त को BSE Sensex 77,540.83 अंक पर बंद हुआ और पिछले सत्र के मुकाबले सिर्फ 3.11 अंक की मामूली बढ़त दर्ज की।
17 अगस्त से शुरू हुई गिरावट
17 अगस्त को Sensex 77,728.16 अंक पर बंद हुआ था। इसके बाद 18 अगस्त को बाजार में बिकवाली बढ़ी और इंडेक्स 492.70 अंक गिरकर 77,235.46 पर पहुंच गया। 19 अगस्त को भी कमजोरी जारी रही और Sensex 325.78 अंक और फिसलकर 76,909.68 पर बंद हुआ। यही इस पांच दिन के दौरान बाजार का सबसे कमजोर क्लोजिंग स्तर रहा।
20 अगस्त को बाजार ने पलटी मारी
लगातार दो दिन की बड़ी गिरावट के बाद 20 अगस्त को बाजार में जोरदार वापसी देखने को मिली। Sensex 628.04 अंक चढ़कर 77,537.72 पर पहुंच गया। इस तेजी ने बुधवार की गिरावट का बड़ा हिस्सा वापस हासिल कर लिया। बाजार में खरीदारी लौटने से निवेशकों को राहत मिली और इंडेक्स फिर 77,500 के आसपास पहुंच गया।
शुक्रवार को लगभग सपाट रहा बाजार
21 अगस्त को निवेशकों ने ज्यादा जोखिम लेने से बचते हुए सावधानी के साथ कारोबार किया। Sensex दिन के दौरान 77,725.67 के ऊपरी स्तर तक गया, जबकि इसका निचला स्तर 77,445.86 रहा। आखिर में इंडेक्स 77,540.83 पर बंद हुआ। Nifty 50 भी 20.15 अंक यानी 0.08% बढ़कर 24,252 पर बंद हुआ।
किन शेयरों ने दिया बाजार को सहारा?
शुक्रवार के कारोबार में Power Grid Sensex के प्रमुख बढ़ने वाले शेयरों में रहा और करीब 2.66% चढ़ा। BEL, Kotak Mahindra Bank और NTPC में भी बढ़त रही। दूसरी तरफ Trent, Maruti Suzuki, InterGlobe Aviation और HCL Technologies जैसे शेयरों में दबाव देखा गया।
तेल और वैश्विक बाजारों की चिंता
बाजार की चाल पर ऊंचे कच्चे तेल के दाम, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और पश्चिम एशिया से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं का असर रहा। Reuters के अनुसार, पूरे सप्ताह Sensex करीब 0.6% नीचे रहा और 16 प्रमुख सेक्टरों में से 12 में साप्ताहिक गिरावट दर्ज हुई। IT शेयरों में करीब 2.6% की कमजोरी रही, जबकि निजी बैंक इंडेक्स करीब 1.3% मजबूत हुआ।
