भारतीय शेयर बाजार के लिए 2 सितंबर का कारोबारी दिन कमजोर रहा। Sensex 373.93 अंक यानी 0.49% गिरकर 76,570.35 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 808 अंक से ज्यादा टूटकर 76,135.72 तक पहुंच गया था। बाद में बाजार ने कुछ रिकवरी की, लेकिन नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं हो सका।
वहीं Nifty 50 भी 141.35 अंक यानी 0.59% फिसलकर 23,914.45 पर बंद हुआ। इस तरह Nifty 24,000 के अहम स्तर से नीचे चला गया।
West Asia तनाव ने बढ़ाई बाजार की चिंता
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में West Asia में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया। कारोबार के दौरान Brent crude करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की चिंता रहती है। इसी वजह से निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में बिकवाली बढ़ाई।
Auto और IT शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
सेक्टोरल कारोबार में Auto शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। Eicher Motors, Bajaj Auto और Mahindra & Mahindra जैसे शेयरों में गिरावट रही। IT शेयर भी कमजोर रहे और Wipro समेत कई कंपनियों में बिकवाली दिखाई दी।
Sensex के प्रमुख कमजोर शेयरों में Asian Paints, HDFC Bank, Mahindra & Mahindra, HCL Technologies और Infosys शामिल रहे।
कुछ शेयरों ने संभाला बाजार
बिकवाली के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। Coal India, Adani Ports, Power Grid, NTPC, ITC और Reliance जैसे शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। Coal India में करीब 4% की तेजी दर्ज की गई।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है कच्चा तेल?
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। महंगा तेल रुपये, महंगाई और ब्याज दरों के माहौल पर असर डाल सकता है। साथ ही ऊंची बॉन्ड यील्ड और कमजोर वैश्विक बाजारों ने भी निवेशकों का भरोसा प्रभावित किया।
