श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के गायब होने का मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील माना जा रहा है। इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। अमृतसर के बाद अब SIT की टीम चंडीगढ़ पहुंच गई है, ताकि जांच को हर पहलू से आगे बढ़ाया जा सके।
SGPC कार्यालयों तक पहुंची SIT
जानकारी के अनुसार, SIT पहले अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के कार्यालय पहुंची थी। इसके बाद टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-5 में स्थित SGPC ऑफिस भी पहुंची। यहां SIT की ओर से जरूरी रिकॉर्ड की मांग की गई है, जिससे जांच में मदद मिल सके।
रिकॉर्ड के लिए आधिकारिक पत्र
SIT के एक सदस्य ने बताया कि SGPC को एक आधिकारिक पत्र सौंप दिया गया है, जिसमें उन सभी रिकॉर्ड्स का विवरण दिया गया है जिनकी जांच टीम को जरूरत है। SGPC की ओर से SIT को भरोसा दिलाया गया है कि वह अपने अध्यक्ष से बात करके मांगा गया रिकॉर्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराएगी।
रिकॉर्ड मिलते ही आगे बढ़ेगी जांच
SIT का कहना है कि जैसे ही जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड मिलेंगे, जांच को और तेज किया जाएगा। इन रिकॉर्ड्स के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पवित्र स्वरूप कहां, कब और किन परिस्थितियों में गायब हुए।
हर पहलू की गहराई से जांच
SIT सदस्य ने साफ कहा कि यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी जांच बेहद सावधानी और गंभीरता से की जा रही है। टीम हर छोटे-बड़े पहलू पर ध्यान दे रही है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
जरूरत पड़ने पर लोगों को बुलाया जाएगा
SIT ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जिन लोगों की जरूरत होगी, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। चाहे कोई अधिकारी हो या किसी संस्था से जुड़ा व्यक्ति, सभी से जवाब लिए जाएंगे।
जनता की नजरें जांच पर टिकीं
इस पूरे मामले पर संगत और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं। लोग चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। SIT ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
