सर्दी बढ़ने के साथ दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। सुबह से राजधानी पर स्मॉग की मोटी परत छाई रही, जिससे आसमान धुंधला और हवा भारी महसूस होने लगी। सांस लेना तक मुश्किल करता यह प्रदूषण मंगलवार को खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 385 रिकॉर्ड किया गया, जो सोमवार को दर्ज 304 की तुलना में काफी ज्यादा था। यानी सिर्फ एक दिन के भीतर हवा और ज्यादा खराब हो गई।
बुधवार की सुबह भी राहत नहीं मिली। आज सुबह दिल्ली का औसत AQI घटकर 328 दर्ज हुआ, लेकिन यह स्तर अब भी “बहुत खराब” श्रेणी में आता है और लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
कई इलाकों में हवा ‘सीवियर’ स्तर पर
राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इतनी गिर गई कि AQI 400 के पार चला गया। चांदनी चौक में प्रदूषण का स्तर मंगलवार को 470 तक पहुंच गया, जो सीधे-सीधे “सीवियर” श्रेणी में आता है। इसी तरह नेहरू नगर में 443, वजीरपुर में 429, विवेक विहार में 437, आरके पुरम में 420 और ओखला फेज-2 में 427 AQI दर्ज हुआ।
दिल्ली में मौजूद 40 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 17 स्टेशनों पर AQI 400 से ऊपर रहा। यह साफ दिखाता है कि हवा कितनी जहरीली हो चुकी है और हालात कितने गंभीर हैं।
दिल्ली के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्ट का
हवा को खराब करने वाले कारणों में सबसे बड़ा हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर का पाया गया है। आंकड़ों के मुताबिक कुल प्रदूषण में वाहनों का योगदान करीब 18.42% है। सड़क पर बढ़ती गाड़ियां, ट्रैफिक जाम और धीमी रफ्तार में चलती वाहन लाइनें हवा को और जहरीला बना रही हैं।
इसके अलावा ठंडी हवा, सड़क की धूल, औद्योगिक धुआं, निर्माण कार्य और बाहरी राज्यों से आने वाला पराली का धुआं भी प्रदूषण को बढ़ाने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं।
ठंड बढ़ी, IMD का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने दिल्ली को इस समय उत्तर भारत का सबसे ठंडा शहर बताया है। रात का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना जताई गई है। सर्द हवा के कारण प्रदूषण जमीन के करीब ही जमा हो रहा है, जिससे स्मॉग की परत और घनी होती जा रही है।
IMD ने 3 से 8 दिसंबर तक हल्की धुंध (शैलो फॉग) का अलर्ट जारी किया है। वहीं, 5 दिसंबर को दिल्ली और आसपास के कुछ इलाकों में “कोल्ड वेव” जैसी स्थिति बनने की संभावना है।
डबल मुसीबत झेल रहे लोग
ठंडी हवा और प्रदूषण—दोनों की मार एक साथ पड़ रही है। हवा का बहाव धीमा होने से प्रदूषक कण ऊपर नहीं उठ पा रहे और स्मॉग लगातार शहर पर बना हुआ है। इसका असर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। अस्पतालों में खांसी, आंखों में जलन और दमा जैसी दिक्कतों की शिकायत बढ़ गई है।
लोगों के लिए मुश्किल भरा सप्ताह
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान और गिरेगा, जिससे प्रदूषण और बढ़ सकता है। राजधानी में रहने वाले लोग सर्दी और स्मॉग के बीच संघर्ष करते हुए दिन गुजार रहे हैं। सुबह का समय सबसे ज्यादा प्रदूषित बताया जा रहा है, जबकि शाम को भी हवा भारी बनी रहती है। फिलहाल, शहर को साफ हवा का इंतजार है।
