पंजाब सरकार ने राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। कैबिनेट मंत्री Aman Arora ने बताया कि राज्य की 661 सरकारी इमारतों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य बिजली खर्च में कमी लाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
प्रमुख संस्थान भी होंगे शामिल
सरकार की इस योजना के तहत कई महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध संस्थानों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। इनमें Virasat-e-Khalsa और Bhagwan Valmiki Tirath Sthal जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल शामिल हैं। इससे इन संस्थानों की ऊर्जा जरूरतों को स्वच्छ स्रोतों से पूरा किया जा सकेगा।
18.6 मेगावाट होगी कुल क्षमता
सरकारी भवनों की छतों पर लगाए जाने वाले सोलर प्लांटों की कुल क्षमता 18.6 मेगावाट होगी। इससे बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन संभव होगा और सरकारी विभागों की पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे बिजली बिलों में भी उल्लेखनीय बचत होगी।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
सौर ऊर्जा को पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत माना जाता है। इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह कदम जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मददगार साबित होगा।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता पंजाब
इस पहल को पंजाब की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक सरकारी संस्थान नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करें, जिससे भविष्य में ऊर्जा संसाधनों का बेहतर और टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
