पंजाब विधानसभा के स्पीकर Kultar Singh Sandhwan ने पंजाबियों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि “मातृभाषा ही हमारी असली पहचान है”, इसलिए जनगणना में अपनी भाषा को सही तरीके से दर्ज करना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि भाषा सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और विरासत का आधार भी है।
जनगणना में सही जानकारी देने पर जोर
स्पीकर ने लोगों से कहा कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा “पंजाबी” ही दर्ज करवाएं। उन्होंने बताया कि सरकार की कई नीतियां और योजनाएं जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होती हैं। इसलिए अगर सही जानकारी दी जाएगी, तो भविष्य में बेहतर योजनाएं बन सकेंगी।
‘पंजाबियत’ को मजबूत करने की पहल
संधवां ने कहा कि पंजाबी भाषा को सही पहचान दिलाना हर पंजाबी की जिम्मेदारी है। अगर लोग अपनी मातृभाषा को सही दर्ज नहीं करते, तो इससे भाषा की स्थिति कमजोर हो सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “पंजाबी हमारी पहचान है” और इसे मजबूत करना सभी का कर्तव्य है।
स्व-गणना की सुविधा शुरू
इस बार जनगणना में “Self-enumeration” यानी खुद से जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है। इस प्रक्रिया के जरिए लोग घर बैठे ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकते हैं। इससे प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो गई है, और लोगों की भागीदारी भी बढ़ेगी।
आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी कदम
स्पीकर ने कहा कि आज लिया गया यह छोटा सा कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ा साबित होगा। सही डेटा के आधार पर सरकार शिक्षा, भाषा और संस्कृति से जुड़ी नीतियां बेहतर तरीके से बना सकेगी। इससे पंजाब की पहचान और मजबूत होगी और “पंजाबियत” को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकेगा।
