संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन लोकसभा में एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक चर्चा की शुरुआत हुई। मौका था—देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि वह मंत्र है जिसने स्वतंत्रता संग्राम को ऊर्जा और दिशा दी।
पीएम मोदी के अनुसार, यह गर्व की बात है कि आज का भारत इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि जब ‘वंदे मातरम’ के 100 वर्ष पूरे हुए थे, तब देश आपातकाल के बंधनों में जकड़ा हुआ था। इसलिए आज की चर्चा और भी ज्यादा意义पूर्ण है।
सरकार ने बताईं इस चर्चा की 5 बड़ी वजहें
सरकार का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा से देश में राष्ट्रभावना, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता का संदेश जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुद्दा सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार इस चर्चा के जरिए 1937 में ‘वंदे मातरम’ के कुछ हिस्से हटाने के पीछे की “तुष्टीकरण की राजनीति” को भी सामने लाना चाहती है।
सत्ता और विपक्ष आमने-सामने
इस विशेष चर्चा में भाजपा की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई केंद्रीय मंत्री हिस्सा ले रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, उप-नेता गौरव गोगोई सहित आठ सांसद अपनी बात रखेंगे।
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि राष्ट्रीय गीत उन शहीदों की याद दिलाता है जिन्होंने देश के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया।
दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद जेबी मथर ने आरोप लगाया कि भाजपा इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश कर रही है और इस बहस का उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेना है।
‘वंदे मातरम’ का इतिहास
‘वंदे मातरम’ को महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवंबर 1875 को लिखा था।
आजादी के बाद 24 जनवरी 1950 को इसे देश का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया।
संविधान सभा ने इसे ‘जन गण मन’ की तरह ही समान सम्मान और दर्जा देने का निर्णय लिया।
चर्चा में भावनात्मक रंग, लेकिन राजनीतिक गरमी भी
लोकसभा में यह बहस जहां एक ओर देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव से भरपूर दिखाई दी, वहीं सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज रही।
फिर भी, ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरा होने के अवसर पर यह चर्चा संसद के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
