पंजाब विधानसभा के बजट सत्र से पहले वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और इसके साथ ही वर्ष 2026 के लिए राज्य का बजट पेश किया गया। इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग और शहरी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकार ने कई नई योजनाओं की घोषणा करने के साथ-साथ पहले से चल रही योजनाओं को आगे बढ़ाने और विस्तार देने की भी बात कही है।
शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा बजट
इस वर्ष के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹19,279 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सरकार “सिखिया क्रांति 2.0” योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत अगले छह वर्षों में लगभग ₹3,500 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि राज्य के करीब 20,000 सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा चुका है, जिससे छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिल रहा है।
स्कूल ऑफ एमिनेंस का विस्तार
छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस विकसित किए गए हैं। इन स्कूलों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा
सरकार ने स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। इसके तहत 38,649 कंप्यूटर और 8,268 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जा रहे हैं। इससे छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा छात्रों को अपने करियर के बारे में सही दिशा देने के लिए जल्द ही करियर काउंसलिंग पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। बेहतर स्कूल सुविधाएं, डिजिटल शिक्षा और करियर मार्गदर्शन से छात्रों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे और राज्य के शिक्षा स्तर में भी सुधार होगा।
