मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 238 अंकों की कमजोरी के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी भी 24,200 के स्तर से नीचे फिसल गया। निवेशकों ने दिनभर सतर्क रुख अपनाया, जिससे बाजार में खरीदारी सीमित रही।
वैश्विक संकेतों का दिखा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेत और निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की खबरों से कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई, लेकिन इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर नहीं दिखा।
किन सेक्टरों पर रहा दबाव
बैंकिंग, ऑटो और चुनिंदा बड़े शेयरों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा। वहीं कुछ आईटी और रक्षात्मक शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली, लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर
अब निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के रुख पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय हो सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के जून तिमाही के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। यदि कॉरपोरेट नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल बन सकता है।
