सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रही। 22 जून 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 291.17 अंकों की बढ़त के साथ 77,094.07 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 90 अंकों की तेजी के साथ 24,102.90 पर पहुंच गया। शुक्रवार की गिरावट के बाद बाजार में यह शानदार वापसी देखने को मिली।
किन वजहों से बढ़ा बाजार?
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेतों ने बाजार का माहौल बेहतर बनाया। वैश्विक स्तर पर मिले अच्छे संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला।
आईटी और फार्मा शेयरों ने संभाली कमान
सोमवार के कारोबार में आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों ने बाजार को मजबूती दी। सेंसेक्स के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, सन फार्मा, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार ऊंचे स्तर पर बंद होने में सफल रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 0.34 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में करीब 0.60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में केवल चुनिंदा शेयरों ही नहीं बल्कि व्यापक स्तर पर खरीदारी हुई।
पिछले कारोबारी सत्र की भरपाई
गौरतलब है कि 19 जून को सेंसेक्स 607 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ था। उस गिरावट के बाद निवेशकों में थोड़ी चिंता देखने को मिली थी, लेकिन 22 जून को बाजार ने मजबूत वापसी कर यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है।
निवेशकों की नजर अगले संकेतों पर
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल सेंसेक्स का 77 हजार के ऊपर बने रहना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
