पंजाब के तरनतारन जिले में नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत पुलिस ने 5 बड़े नशा तस्करों की कुल 9 करोड़ 4 लाख 15 हजार 748 रुपये की संपत्ति फ्रीज़ कर दी है। ज़िला पुलिस प्रमुख (SSP) दीपक पारीक ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के निर्देशों और फिरोजपुर रेंज के डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल के मार्गदर्शन में उठाया गया है।
कौन-कौन हैं ये तस्कर और क्या फ्रीज़ हुआ?
1. निशान सिंह (पिंड डालेके):
इस नशा तस्कर की 12.79 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ 4 लाख 20 हजार रुपये है, फ्रीज़ कर दी गई है। इसके खिलाफ थाना करतारपुर में आधा किलो हेरोइन बरामद होने का मामला दर्ज है।
2. तेजपाल सिंह उर्फ फौजी (गांव कलेर):
इस तस्कर के 40 लाख 70 हजार रुपये मूल्य के घर को फ्रीज़ किया गया है। इसके खिलाफ थाना सदर तरनतारन में फरवरी महीने में 400 ग्राम हेरोइन मिलने का केस दर्ज है।
3. हरदीप सिंह उर्फ दीप (गांव ठट्ठी सोहल):
इस आरोपी की 42 लाख 10 हजार रुपये कीमत वाली एक कोठी और 5 लाख 88 हजार 548 रुपये की स्विफ्ट कार को फ्रीज़ किया गया है। इसके खिलाफ थाना सराय अमानत खां में 6 किलो 112 ग्राम हेरोइन की बरामदगी का मामला मार्च महीने में दर्ज हुआ था।
4. आकाशदीप सिंह उर्फ काशी (रोड़ा वाली, जिला अमृतसर):
इसकी 45 लाख 70 हजार रुपये की रिहायशी संपत्ति को फ्रीज़ किया गया है। इसके खिलाफ थाना सिटी तरनतारन में 1 किलो हेरोइन के केस में मई 2024 में एफआईआर दर्ज हुई थी।
5. हरजिंदर सिंह उर्फ अजे (गांव वैरोवाल बांवियां):
इस आरोपी की कुल 65 लाख 57 हजार 200 रुपये की संपत्ति फ्रीज़ की गई है। इसमें उसका रिहायशी घर, महिंद्रा जीप और ड्रग मनी शामिल है। इसके खिलाफ थाना वैरोवाल में अप्रैल 2025 में 756 ग्राम हेरोइन मिलने का मामला दर्ज है।
अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी है?
SSP पारीक ने बताया कि तरनतारन पुलिस ने वर्ष 2025 में अब तक कुल 44 नशा तस्करों की संपत्ति फ्रीज़ की है, जिनकी कुल कीमत 22 करोड़ 99 लाख 77 हजार 733 रुपये है।
क्यों हो रही है यह कार्रवाई?
यह पूरी कार्रवाई पंजाब सरकार की तरफ से चलाए जा रहे “युद्ध नशों के खिलाफ” अभियान के तहत हो रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ नशे का धंधा रोकना ही नहीं, बल्कि नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना भी है ताकि वे दोबारा इस गंदे धंधे में न उतर सकें।
आगे क्या होगा?
अब इन सभी फ्रीज़ संपत्तियों को लेकर गृह मंत्रालय और सक्षम अथॉरिटी से अनुमति मिलने के बाद कानूनी रूप से जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस का दावा है कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि पंजाब को नशामुक्त बनाया जा सके।
इस सख्त कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि पंजाब सरकार और पुलिस अब नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगी।
