पंजाब के लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने शानदार जीत हासिल की थी। अब उन्होंने विधायक के तौर पर अपनी शपथ भी ले ली है, लेकिन मंत्री बनने का रास्ता अभी साफ नहीं हुआ है।
केजरीवाल ने किया था मंत्री बनाने का वादा
चुनाव प्रचार के दौरान ही आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने यह ऐलान किया था कि अगर संजीव अरोड़ा जीतते हैं, तो उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। इस बात की पुष्टि खुद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी की थी। मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा था कि लुधियाना वेस्ट के लोगों से किया गया वादा पूरा किया जाएगा और संजीव अरोड़ा को मंत्री बनाया जाएगा।
हालांकि, शपथ ग्रहण के 5 दिन बाद भी उन्हें मंत्री पद नहीं सौंपा गया है, जिससे कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्यों हो रही है देरी?
सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित 2 जुलाई तक राजस्थान दौरे पर हैं। ऐसे में नए मंत्रियों की शपथ के लिए कार्यक्रम 2 जुलाई के बाद ही तय किया जाएगा। यही कारण है कि संजीव अरोड़ा को मंत्री पद की शपथ के लिए थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ेगा।
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। बताया जा रहा है कि सिर्फ संजीव अरोड़ा ही नहीं, बल्कि कुछ और विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाने या उनके विभागों में बदलाव करने की चर्चा भी ज़ोरों पर है। इसी कारण पूरे बदलाव को एक साथ लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
दिल्ली में हुआ मंथन
पिछले दिनों इस विषय पर दिल्ली में ‘आप’ की शीर्ष लीडरशिप, जिसमें अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान शामिल थे, के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें नई मंत्रिमंडलीय टीम को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। लेकिन जब तक इसपर अंतिम फैसला नहीं होता, संजीव अरोड़ा को भी इंतजार करना पड़ेगा।
जनता को उम्मीदें
लुधियाना वेस्ट के लोगों को अपने नए विधायक से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने भारी मतों से संजीव अरोड़ा को जिताया है और अब मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को लेकर अब जनता की नजरें सरकार पर टिकी हैं।
संजीव अरोड़ा ने भले ही विधायक पद की शपथ ले ली हो, लेकिन मंत्री बनने के लिए उन्हें अभी कुछ और दिन इंतजार करना होगा। यह इंतजार सिर्फ औपचारिकताओं का नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक फेरबदल का भी हिस्सा है। अब देखना यह है कि 2 जुलाई के बाद पंजाब की राजनीति में क्या नया मोड़ आता है और कौन-कौन मंत्री बनते हैं या बदलते हैं।
