पंजाब सरकार ने प्रशासनिक अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सतर्कता ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमृतसर में तैनात पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखबीर सिंह को गंभीर कदाचार और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश 26 दिसंबर को जारी किया गया।
निलंबन का आधार और कानूनी प्रावधान
सरकारी आदेश के मुताबिक, यह कार्रवाई पंजाब सिविल सेवा (दंड और अपील) नियम, 1970 के नियम 4(1)(क) के तहत की गई है। आदेश में कहा गया है कि अधिकारी पर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए उन्हें पद से हटाकर निलंबन का फैसला लिया गया। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कथित रूप से कौन-सी विशिष्ट गलती या कृत्य किया गया।
आंतरिक शिकायत के बाद बढ़ी कार्रवाई
सरकारी बयान में बताया गया कि लखबीर सिंह के खिलाफ विभाग के भीतर से एक आंतरिक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें आरोपों को गंभीर माना गया। इसके बाद अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू की गई और निलंबन का आदेश जारी हुआ।
बयान के अनुसार, अधिकारी पर अपने अधिकारिक अधिकार क्षेत्र से बाहर के मामलों में अनधिकृत हस्तक्षेप करने का आरोप है। सरकार का मानना है कि ऐसी गतिविधियां सेवा नियमों का उल्लंघन करती हैं और विभाग की निष्पक्षता व कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं।
जांच जारी, बाहर जाने पर रोक
मामले में अब औपचारिक अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई है। तय प्रक्रिया के अनुसार गहन जांच की जा रही है। निलंबन की अवधि के दौरान लखबीर सिंह सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय या राज्य से बाहर नहीं जा सकेंगे। यह शर्त जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए लगाई गई है।
विभाग में चर्चा, सरकार का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद विजिलेंस ब्यूरो और अमृतसर प्रशासनिक हलकों में हलचल देखी जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चा का माहौल है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी और किसी भी स्तर पर नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा। यह कदम सरकार का संदेश है कि अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता से कोई भी बड़ा या छोटा अधिकारी ऊपर नहीं है।
