दिल्ली में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए सरकार ने प्रदूषण पर सख्ती बढ़ा दी है। अब वायु प्रदूषण को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सरकार ने PUCC (प्रदूषण अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने का फैसला किया है। साफ शब्दों में कहा गया है कि बिना वैध PUCC के कोई भी वाहन दिल्ली की सड़कों पर नहीं चल सकेगा। यह नियम अगले आदेश तक पूरी तरह अनिवार्य रहेगा।
सरकार का कहना है कि दोपहिया हो या चारपहिया—हर वाहन की जांच की जाएगी। जिन वाहनों के पास वैध PUCC नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रशासन का मानना है कि सड़कों पर चलने वाले प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण जरूरी है, ताकि आम लोगों की सेहत को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है।
GRAP-4 हटने के बाद भी जारी रहेंगी सख्त पाबंदियां
भले ही फिलहाल GRAP-4 की सबसे सख्त पाबंदियां हटा दी गई हों, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कई नियम आगे भी लागू रहेंगे। इसका मतलब यह है कि हवा में थोड़ी राहत मिलते ही नियमों में ढील नहीं दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि प्रदूषण दोबारा खतरनाक स्तर तक न पहुंचे, इसलिए एहतियाती कदम अभी से जारी रखे जा रहे हैं।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार लोगों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगातार नजर रखी जा रही है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी नरमी के कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे समय पर अपना PUCC बनवाएं और नियमों का पालन करें।
हालात बिगड़े तो BS-6 से कम वाहनों पर फिर रोक
सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में प्रदूषण का स्तर दोबारा गंभीर स्थिति में पहुंचता है, तो BS-6 मानक से कम वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर फिर से रोक लगाई जा सकती है। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या और उनसे निकलने वाले धुएं को कम करना है, ताकि हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके।
