पंजाब में बाढ़ की मार झेल रहे जालंधर जिले में प्रशासन ने ज़रूरी सामान की जमाखोरी और बढ़ी हुई कीमतों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने साफ़ कहा है कि इस मुश्किल घड़ी में जनता का शोषण करने वाले दुकानदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में
डीसी अग्रवाल ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसी शिकायतें आई हैं कि कुछ दुकानदार बाढ़ की स्थिति का बहाना बनाकर रोजमर्रा की ज़रूरत की चीजें – जैसे कि किराना, सब्ज़ियां और फल – महंगे दामों पर बेच रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की मुनाफाखोरी सीधे-सीधे आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है और प्रशासन ऐसे “लुटेरों” के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
प्राथमिकता – उचित दामों पर सामान उपलब्ध कराना
डीसी ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक वस्तुएं समय पर और वाजिब दामों पर लोगों तक पहुंचें। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें और लोगों को राहत दें, न कि उन्हें और संकट में धकेलें।
सख्त निगरानी और नियमित निरीक्षण
डॉ. अग्रवाल ने खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग को आदेश दिए हैं कि बाजारों पर लगातार नज़र रखें और जमाखोरी या मनमानी कीमतों पर रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
जनता से की गई अपील
प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे जमाखोरी या बढ़ी हुई कीमतों से जुड़ी कोई भी शिकायत सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाएं। डीसी ने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई होगी और जनता को न्याय मिलेगा।
